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संजय कपूर की संपत्ति विवाद: मंदिरा कपूर और प्रिया सचदेव के बीच कानूनी लड़ाई

संजय कपूर की संपत्ति को लेकर उनके परिवार में चल रहा विवाद अब अदालत में गंभीर कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। उनकी बहन मंदिरा कपूर और पत्नी प्रिया सचदेव के बीच मानहानि के आरोपों के चलते तनाव बढ़ गया है। हाल ही में पटियाला हाउस कोर्ट में हुई सुनवाई में मंदिरा ने प्रिया द्वारा दायर शिकायत पर अपना जवाब पेश किया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च 2026 के लिए निर्धारित की है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और अदालत में हुई बहस के बारे में।
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संजय कपूर की संपत्ति विवाद: मंदिरा कपूर और प्रिया सचदेव के बीच कानूनी लड़ाई

मुंबई में संपत्ति विवाद की अदालत में सुनवाई


मुंबई: दिवंगत व्यवसायी संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद अब अदालत में गंभीर कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। उनकी बहन मंदिरा कपूर स्मिथ और पत्नी प्रिया सचदेव कपूर के बीच यह मामला अब केवल संपत्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मानहानि के आरोपों तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों के बीच सार्वजनिक बयानों और आरोपों के चलते तनाव बढ़ गया है, जिससे मामला अदालत में विचाराधीन है।


मंदिरा कपूर का अदालत में जवाब

हाल ही में पटियाला हाउस कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान, मंदिरा कपूर ने प्रिया सचदेव द्वारा दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत पर अपना जवाब पेश किया। इसके साथ ही उन्होंने अदालत में एक अर्जी भी प्रस्तुत की।


दस्तावेजों की मांग और सुनवाई

मंदिरा कपूर ने अदालत से अनुरोध किया कि शिकायतकर्ता कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करे, जो इस मामले को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकते हैं। इस सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्धांत सिहाग ने दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनीं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च 2026 के लिए निर्धारित की है।


कानूनी तर्क और बहस

कार्यवाही के दौरान प्रिया सचदेव कपूर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने अदालत में अपनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने मंदिरा कपूर की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि इस चरण में दस्तावेज पेश करने की मांग उचित नहीं है।


मंदिरा कपूर की ओर से अधिवक्ता अमित प्रसाद ने जवाब दाखिल किया और मानहानि की शिकायत के जवाब में दस्तावेज पेश करने की अर्जी भी लगाई। उन्होंने कहा कि आरोपों को अलग-अलग नहीं देखा जाना चाहिए और पूरे मामले की परिस्थितियों को एक साथ समझना आवश्यक है।