सब्यसाची मुखर्जी का 51वां जन्मदिन: एक प्रेरणादायक यात्रा
फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी आज 51 साल के हो गए हैं। जानें उनके जीवन की प्रेरणादायक कहानी, जिसमें उन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने सपनों को साकार किया। सब्यसाची का सफर न केवल उनके लिए, बल्कि सभी के लिए प्रेरणा है। इस लेख में उनके प्रारंभिक जीवन, संघर्ष और सफलता की कहानी का विवरण है।
| Feb 23, 2026, 09:35 IST
जन्मदिन की शुभकामनाएं
प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी आज, 23 फरवरी को, अपने 51वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। बॉलीवुड के इस मशहूर डिजाइनर को हर सेलिब्रिटी का पसंदीदा माना जाता है। खास अवसरों पर, सितारे अक्सर सब्यसाची के डिज़ाइन किए हुए कपड़े पहनना पसंद करते हैं। वर्तमान में, सब्यसाची मुखर्जी देश के प्रमुख डिजाइनरों में से एक हैं। हालांकि, उनका यह सफर आसान नहीं रहा है। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारियों पर नजर डालते हैं....
परिवार और प्रारंभिक जीवन
सब्यसाची का जन्म 23 फरवरी 1974 को कोलकाता में हुआ। उनके पिता बांग्लादेश से आए शरणार्थी थे और जूट उद्योग में कार्यरत थे, जबकि उनकी मां एक शिक्षिका थीं। सब्यसाची को बचपन से ही रंग, कला और कपड़ों में गहरी रुचि थी। हालांकि, उनके पिता चाहते थे कि वह इंजीनियर बनें। लेकिन सब्यसाची का सपना था कि वह एक सफल डिजाइनर बनें। जब उन्होंने अपने इस सपने के बारे में बताया, तो उनके पिता ने उनकी पढ़ाई के लिए पैसे देने से मना कर दिया।
कम उम्र में घर छोड़ने का साहस
सब्यसाची ने 16 साल की उम्र में घर छोड़कर गोवा जाने का निर्णय लिया और वहां एक होटल में वेटर के रूप में काम करने लगे। इसी नौकरी से उन्होंने निफ्ट में दाखिले के लिए फॉर्म भरा। काम और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने कड़ी मेहनत की और निफ्ट की परीक्षा पास की। इसके बाद, उन्होंने अहमदाबाद के राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान में प्रवेश लिया। परिवार से दूर रहने, आर्थिक कठिनाइयों और खुद को साबित करने के दबाव ने उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर दिया था। उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश भी की, लेकिन उनकी मां ने उन्हें मानसिक सहारा दिया। धीरे-धीरे, सब्यसाची ने खुद को मजबूत किया और कई वर्षों के अवसाद के बाद, जीवन ने उनके लिए नए अवसर खोले।
अपनी कंपनी की स्थापना
1999 में निफ्ट से स्नातक होने के बाद, सब्यसाची ने अपनी खुद की कंपनी की शुरुआत की। इसके लिए उन्होंने अपनी बहन से 20,000 रुपए उधार लिए। उन्होंने केवल 3 कर्मचारियों के साथ कंपनी की शुरुआत की और उसी में सोते हुए दिन-रात डिज़ाइन पर काम करते रहे।
कई वर्षों की मेहनत के बाद, उन्होंने अपने ब्रांड को पहचान दिलाने का प्रयास किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हस्तकला को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। आज, सब्यसाची का ब्रांड भारतीय फैशन उद्योग के प्रतिष्ठित ब्रांडों में से एक है, जिसके देश-विदेश में शोरूम हैं और कारोबार करोड़ों में है।
