समीर वानखेड़े ने शाहरुख खान से रिश्वत मांगने के आरोपों का खंडन किया
समीर वानखेड़े का कोर्ट में बयान
मुंबई: पूर्व NCB मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने बॉम्बे हाई कोर्ट में स्पष्ट किया है कि उन्होंने कभी भी शाहरुख खान से रिश्वत की मांग नहीं की और न ही ली, ताकि उनके बेटे आर्यन खान को 2021 के कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले में बचाया जा सके। यह जानकारी सोमवार को उनके वकील अबाद पोंडा ने दी, जब वे CBI द्वारा दर्ज FIR को रद्द करने की याचिका पर बहस कर रहे थे।
रिश्वत मांगने के आरोपों पर प्रतिक्रिया
इस मामले में मई 2023 में CBI ने FIR दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वानखेड़े और उनके सहयोगियों ने शाहरुख खान से 25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी, ताकि आर्यन को ड्रग्स केस में क्लीन चिट मिल सके। हालांकि, वानखेड़े के वकील ने अदालत को बताया कि CBI के पास इस आरोप को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है।
राजनीतिक साजिश का आरोप
वानखेड़े ने कहा कि रिश्वत मांगने या लेने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। बॉम्बे हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस सुमन श्याम की बेंच के सामने यह सुनवाई हुई। वानखेड़े ने पहले भी इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने शाहरुख खान के साथ हुए व्हाट्सएप संदेशों को सबूत के तौर पर पेश किया, जिसमें शाहरुख ने उनकी ईमानदारी की सराहना की थी। ये संदेश 'फादर टू फादर' वाले थे, जो दर्शाते हैं कि दोनों के बीच कोई नकारात्मक संबंध नहीं था।
आर्यन खान का मामला
आर्यन खान को 2021 में मुंबई के तट पर कॉर्डेलिया क्रूज पर छापेमारी के दौरान NCB ने गिरफ्तार किया था। उस समय वानखेड़े NCB मुंबई के जोनल डायरेक्टर थे। आर्यन पर ड्रग्स रखने का आरोप लगा था, लेकिन बाद में 2022 में सभी आरोप हटा दिए गए और उन्हें बरी कर दिया गया। यह मामला काफी चर्चा में रहा, क्योंकि यह बॉलीवुड के बड़े नाम से जुड़ा था। CBI की FIR में वानखेड़े पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और एक्सटॉर्शन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जांच की स्थिति
हालांकि, वानखेड़े की ओर से कहा गया है कि जांच में देरी हो रही है और आरोप बेबुनियाद हैं। पिछले साल कोर्ट ने CBI से कहा था कि जांच तीन महीने में पूरी की जाए, क्योंकि मामला लंबा खिंच रहा है। अब यह सुनवाई जारी है और कोर्ट यह तय करेगा कि FIR रद्द होनी चाहिए या नहीं।
