Newzfatafatlogo

सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर की संपत्ति विवाद पर चिंता जताई

सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर उनकी माँ और पत्नी के बीच चल रहे विवाद पर चिंता जताई है। कोर्ट ने 80 वर्ष की आयु में कानूनी झगड़ों में उलझने के बजाय शांति से जीवन बिताने की सलाह दी। रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनकी संपत्तियों से वंचित कर दिया गया है और उन्होंने सुरक्षा उपायों की मांग की है। कोर्ट ने सभी पक्षों को मध्यस्थता के माध्यम से समाधान खोजने का सुझाव दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी।
 | 
सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर की संपत्ति विवाद पर चिंता जताई

सुप्रीम कोर्ट की चिंता

सोमवार को, सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर उनकी माँ और पत्नी के बीच चल रहे कानूनी विवाद पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि 80 वर्ष की आयु में कानूनी झगड़ों में उलझने के बजाय शांति से जीवन बिताना चाहिए।


कोर्ट की टिप्पणियाँ

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "यह कानूनी लड़ाई 80 साल की उम्र में शुरू हुई है... यह लड़ने का समय नहीं है।" पीठ ने सभी पक्षों को आपसी सहमति से मामले को सुलझाने के लिए प्रेरित किया। यह मामला सोना ग्रुप परिवार के भीतर विरासत के विवाद से संबंधित है।


दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश

रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्हें अंतरिम सुरक्षा देने से मना कर दिया गया था।


रानी कपूर के आरोप

रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनकी संपत्तियों से वंचित कर दिया गया है और उन्होंने सुरक्षा उपायों की मांग की है।


लंबी कानूनी लड़ाई का जोखिम

सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद की जटिलता को देखते हुए कहा कि यह एक लंबी कानूनी लड़ाई बन सकती है। पीठ ने सुझाव दिया कि सभी पक्षों को मध्यस्थता के माध्यम से समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए।


धोखाधड़ी के आरोप

रानी कपूर ने अपने मुकदमे में कहा है कि 'फैमिली ट्रस्ट' का गठन धोखाधड़ी से किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दिवंगत बेटे और बहू ने उनकी कमजोर स्थिति का फायदा उठाकर संपत्तियों का नियंत्रण ट्रस्ट के नाम पर हस्तांतरित कर दिया।


समानांतर कानूनी कार्रवाई

इस मामले में रानी कपूर के अलावा अन्य परिवार के सदस्यों द्वारा भी दावे किए जा रहे हैं। इस संबंध में पहले से ही दिल्ली हाई कोर्ट में समानांतर कानूनी कार्रवाई चल रही है।


अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जटिलता को देखते हुए आपसी बातचीत से हल निकालने की सलाह दी है। मामले पर अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी।