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सुशांत सिंह राजपूत की 40वीं जयंती पर भावुक श्रद्धांजलि

21 जनवरी 2026 को दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की 40वीं जयंती पर उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने सुशांत को याद करते हुए कहा कि वह केवल एक याद नहीं, बल्कि एक जीवित एहसास हैं। श्वेता ने अपने भाई की शुद्ध आत्मा और उनके जीवन के प्रति दृष्टिकोण को उजागर किया। उनका संदेश सुशांत की अमर विरासत और उनके द्वारा प्रेरित लाखों लोगों की कहानी को बयां करता है।
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सुशांत सिंह राजपूत की 40वीं जयंती पर भावुक श्रद्धांजलि

सुशांत की जयंती पर भावनाओं का सैलाब


मुंबई: आज, 21 जनवरी 2026 को, प्रसिद्ध अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की 40वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर उनके प्रशंसक उन्हें याद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर सुशांत की फिल्में, उनके पुराने इंटरव्यू और वीडियो फिर से चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बीच, उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक भावुक संदेश साझा किया है, जिसने सभी को भावुक कर दिया है।


श्वेता ने इंस्टाग्राम पर अपने भाई को याद करते हुए एक लंबा नोट लिखा। उन्होंने कहा कि सुशांत उनके लिए केवल एक याद नहीं हैं, बल्कि एक जीवित अनुभव हैं। जब लोग उनसे पूछते हैं कि क्या वह अपने भाई को याद करती हैं, तो वह मुस्कुराती हैं, क्योंकि कोई उस व्यक्ति को कैसे भूल सकता है जो उनकी धड़कन बन चुका है।


भावुकता से भरा श्वेता का संदेश

सुशांत को याद कर भावुक हुई बहन श्वेता


श्वेता ने अपने संदेश में लिखा कि वह हर पल सुशांत को महसूस करती हैं। हर सांस, हर प्रार्थना, हर खामोशी और हर मुस्कान में उन्हें अपने भाई की उपस्थिति का एहसास होता है। उन्होंने यह भी कहा कि धीरे-धीरे वह अपने भाई जैसी बनती जा रही हैं।



श्वेता के अनुसार, सुशांत का दिल सोने जैसा शुद्ध था। उनकी आत्मा जिज्ञासु, कोमल, निडर और हमेशा चमकती थी। उन्होंने अपने शब्दों में भाई को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सुशांत ने केवल जीवन नहीं जिया, बल्कि अपने पीछे एक सोच, एक रोशनी और जीने का एक तरीका छोड़ दिया है।


सुशांत की बहन का संदेश

सिर्फ एक्टर नहीं थे सुशांत


श्वेता ने यह भी स्पष्ट किया कि सुशांत केवल एक अभिनेता नहीं थे। वह एक खोजी इंसान थे, जो सवाल पूछने से नहीं डरते थे। उन्हें ब्रह्मांड, सितारों और जीवन के रहस्यों में गहरी रुचि थी। उन्होंने लिखा कि सुशांत ने लोगों को सीमाओं से परे जाने की प्रेरणा दी। गहराई से सोचने, दिल से प्यार करने और भगवान की ओर बढ़ने का मार्ग दिखाया। यही कारण है कि आज भी लाखों लोग उनसे प्रेरित होते हैं।


अपने भावुक संदेश में, श्वेता ने कहा कि सुशांत का अस्तित्व अमर है। वह केवल एक याद नहीं, बल्कि एक ऊर्जा हैं। उन्होंने कहा कि सुशांत कहीं नहीं गए हैं। वह हर जगह हैं, उनके विचारों में, लोगों की सोच में और उन सपनों में जिन्हें उन्होंने जीया। श्वेता ने अपने भाई को अपना मार्गदर्शक सितारा बताया और कहा कि वह हमेशा चमकते रहेंगे और लोगों को रास्ता दिखाते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सुशांत की असली विरासत वे लाखों लोग हैं जिन्हें उन्होंने दयालु, समझदार और बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा दी।