हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के निधन पर साझा किया दर्दनाक अनुभव
हेमा मालिनी का दिल का दर्द
मुंबई: धर्मेंद्र के निधन के बाद पहली बार हेमा मालिनी ने अपने भावनाओं को व्यक्त किया है। 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में धर्मेंद्र का अचानक निधन हुआ, जो पूरे देश के लिए एक बड़ा झटका था। हेमा ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सदमा बताया और कहा कि वह अब भी यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि अस्पताल में ऐसा क्या हुआ कि सब कुछ अचानक बदल गया।
कठिन समय का सामना
ईटाइम्स को दिए गए एक इंटरव्यू में हेमा ने कहा कि पिछले महीने उनके लिए बेहद कठिन रहा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह समय बहुत बुरा था। जब धर्मेंद्र अस्पताल में थे, तब परिवार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हेमा ने बताया कि पहले भी कई बार धर्मेंद्र अस्पताल गए थे और ठीक होकर लौट आए थे, इसलिए इस बार भी परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द घर लौटेंगे।
आखिरी दिनों की यादें
हेमा ने साझा किया कि धर्मेंद्र उनके और पूरे परिवार से अच्छे से बात कर रहे थे। उन्होंने यह भी याद किया कि 16 अक्टूबर को उनके जन्मदिन पर धर्मेंद्र ने उन्हें बधाई दी थी। धर्मेंद्र का 90वां जन्मदिन 8 दिसंबर को आने वाला था, और परिवार उसकी तैयारियों में जुटा हुआ था। लेकिन अचानक सब कुछ खत्म हो गया। हेमा ने कहा कि अपने प्रियजन को इस तरह जाते देखना बेहद दर्दनाक होता है, और कोई भी इस स्थिति से गुजरना नहीं चाहेगा।
प्रार्थना सभाओं पर उठे सवाल
दो प्रार्थना सभाओं को लेकर उठा सवाल
धर्मेंद्र के निधन के बाद दो अलग-अलग प्रार्थना सभाओं को लेकर चर्चा हुई। एक प्रार्थना सभा 27 नवंबर को मुंबई में हुई, जिसे उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर और बेटे सनी देओल और बॉबी देओल ने आयोजित किया। दूसरी प्रार्थना सभा 11 दिसंबर को दिल्ली में हुई, जिसे हेमा मालिनी और उनकी बेटियां ईशा देओल और अहाना देओल ने होस्ट किया।
दो प्रार्थना सभाओं के पीछे के कारण पर बात करते हुए हेमा ने कहा कि यह पूरी तरह से उनका निजी पारिवारिक मामला है। उन्होंने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों के बीच पहले ही बातचीत हो चुकी थी। उन्होंने अपने घर पर अलग प्रार्थना सभा इसलिए रखी क्योंकि उनके करीबी लोगों का सर्कल अलग है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले को लेकर परिवार में कोई मतभेद नहीं है।
