हेरा फेरी फिल्म फ्रैंचाइजी में कानूनी विवाद, प्रोड्यूसर ने दर्ज कराई शिकायत
हेरा फेरी का नया विवाद
बॉलीवुड की चर्चित कॉमेडी फिल्म श्रृंखला 'हेरा फेरी' एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार कारण कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनी मामला है। फिल्म के निर्माता फिरोज नाडियाडवाला ने मुंबई के अंबोली पुलिस थाने में धोखाधड़ी और जबरन वसूली की शिकायत दर्ज कराई है। नाडियाडवाला का आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने उनके कानूनी कॉपीराइट और रीमेक अधिकारों को हड़पने की योजना बनाई है।
शिकायत का विवरण
अपनी शिकायत में, 62 वर्षीय नाडियाडवाला ने बताया कि यह विवाद 'हेरा फेरी' से संबंधित है, जो 1989 में रिलीज़ हुई मलयालम फिल्म 'रामजी राव स्पीकिंग' पर आधारित है। उन्होंने कहा कि उन्होंने साल 2000 में M/s Compact Disc India Limited के सुरेश कुमार सिंघल से इस कहानी के हिंदी और अन्य भाषाओं में रीमेक अधिकार कानूनी रूप से 4.5 लाख रुपये में खरीदे थे।
पैसों की मांग का दबाव
नाडियाडवाला ने बताया कि 'हेरा फेरी' की रिलीज़ से एक सप्ताह पहले, कुछ लोगों ने उन पर दबाव डालकर पैसे मांगने की कोशिश की थी। शिकायत में उन्होंने कहा, "उस समय, फिल्म में काफी बड़ा निवेश किया जा चुका था, इसलिए बदनामी और नुकसान के डर से, मुझे मजबूर होकर पैसे देने पड़े, जबकि कोर्ट ने मेरे पक्ष में स्टे ऑर्डर भी दिया था।"
25 साल बाद का मामला
शिकायत के अनुसार, यह मामला 25 साल बाद फिर से उठाया गया है। नाडियाडवाला ने आरोप लगाया कि ओरिजिनल फिल्म के मालिकों, सिद्दीकी केएल और एम पॉल माइकल को यह पता होने के बावजूद कि राइट्स पहले ही बेचे जा चुके थे, उन्होंने 12 मई 2022 को M/s Seven Arts International के गोपाला पिल्लई विजयकुमार को वे राइट्स दोबारा 3 लाख रुपये में बेच दिए।
पुलिस की कार्रवाई
उनकी शिकायत के बाद, पुलिस ने गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम पॉल माइकल के खिलाफ IPC की धारा 318(4), 356 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है, और जांच जारी है।
कानूनी नोटिस का सामना
नाडियाडवाला ने आगे बताया कि दिसंबर 2024 में, उन्हें एक कानूनी नोटिस प्राप्त हुआ, जिसमें उनकी साल 2006 में रिलीज़ हुई फिल्म 'फिर हेरा फेरी' को गैर-कानूनी घोषित किया गया था। शिकायत के अनुसार, नोटिस भेजने वाली पार्टियों ने 60 लाख रुपये और फिल्म के कुल मुनाफे में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की थी।
पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान
नाडियाडवाला ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पक्ष उनकी कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग प्रक्रिया में बाधा डाल रहे थे। उन्होंने कहा कि अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल जैसे अभिनेताओं के नामों का उपयोग करके उनके बारे में झूठी खबरें फैलाई जा रही थीं, जिससे उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच रहा था।
जांच की प्रक्रिया
पुलिस ने इस शिकायत की जांच शुरू कर दी है, और संबंधित पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। यह मामला नाडियाडवाला के आरोप पर केंद्रित है कि 'हेरा फेरी' और 'फिर हेरा फेरी' से जुड़े अधिकारों का, पहले ही बेचे जाने के बावजूद, दुरुपयोग किया गया; जिसके परिणामस्वरूप नई मांगें सामने आईं और कानूनी कार्रवाई की नौबत आ गई।
