कालाष्टमी: भगवान काल भैरव की पूजा और विशेष उपाय
कालाष्टमी, जो हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है, भगवान काल भैरव को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा से सभी बाधाएं दूर होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है। जानें इस दिन किए जाने वाले विशेष उपाय, जैसे काले कुत्ते को गुड़ वाली रोटी खिलाना और भैरव देव के मंदिर में दीपक जलाना। इसके साथ ही, जानें पूजा के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें, ताकि आप काल भैरव की कृपा प्राप्त कर सकें।
| May 30, 2026, 16:22 IST
कालाष्टमी का महत्व
हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली कालाष्टमी भगवान काल भैरव को समर्पित होती है। इस दिन उनकी पूजा करने से सभी प्रकार की बाधाएं समाप्त होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है। विशेष रूप से, इस दिन काल भैरव की पूजा निशिता मुहूर्त में करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। तंत्र-मंत्र के साधकों के लिए यह तिथि विशेष महत्व रखती है। गृहस्थों के लिए भी काल भैरव की पूजा से सुख और शांति बनी रहती है। इस दिन कुछ खास उपाय करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर की जा सकती हैं।
जरूरी उपाय
यदि आप लंबे समय से समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो कालाष्टमी पर काले कुत्ते को गुड़ वाली रोटी खिलाना चाहिए। इस उपाय से काल भैरव की कृपा प्राप्त होती है।
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इसके अलावा, भैरव देव के मंदिर जाकर चौमुखी सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। उड़द की दाल, काले तिल और काले कपड़े का दान करना भी शुभ माना जाता है।
नकारात्मक ऊर्जा का नाश
यदि आपके घर में क्लेश या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव है, तो कालाष्टमी पर किए गए उपाय आपके लिए लाभकारी हो सकते हैं। इस दिन भैरव बाबा को मीठी रोटी का भोग अर्पित करना चाहिए। इससे बुरी शक्तियों का नाश होता है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव समाप्त होता है। इस प्रकार, घर-परिवार में सुख और शांति बनी रहती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
इस दिन सात्विक आचरण अपनाना चाहिए और मांसाहार तथा शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।
पूजा के समय मन को शांत रखना आवश्यक है और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।
काल भैरव को न्याय का देवता माना जाता है, इसलिए गरीबों और कमजोरों को दुख नहीं पहुंचाना चाहिए।
कुत्तों जैसे पशुओं को परेशान नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये काल भैरव को प्रिय होते हैं।
किसी का अपमान या विवाद करने से बचना चाहिए, अन्यथा काल भैरव की कृपा नहीं मिलेगी।
