गुप्त नवरात्रि के दौरान विजयासन मंदिर की महिमा और यात्रा
गुप्त नवरात्रि का महत्व
हर वर्ष माघ मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तक गुप्त नवरात्रि का आयोजन होता है। इस पावन अवसर पर भक्तजन दस महाविद्याओं की देवी की पूजा बड़े श्रद्धा भाव से करते हैं। गुप्त नवरात्रि का व्रत विशेष कार्यों में सिद्धि प्राप्त करने के लिए भी किया जाता है। तंत्र विद्या सीखने वाले लोगों के लिए यह समय किसी उत्सव से कम नहीं होता। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान देवी की पूजा करने से भक्त की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन में आने वाली कठिनाइयां दूर होती हैं।
विजयासन मंदिर की जानकारी
इस विशेष अवसर पर भक्तजन मां के दर्शन के लिए प्रसिद्ध मंदिरों की यात्रा करते हैं। यदि आप भी मां के दर्शन करना चाहते हैं, तो विजयासन मंदिर एक बेहतरीन स्थान है। इस लेख में हम विजयासन मंदिर के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
विजयासन माता की महिमा
विजयासन माता की महिमा अद्वितीय है। वह अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी करती हैं। इसके साथ ही, वह दुष्टों का नाश भी करती हैं। नवरात्रि के दौरान, देश-विदेश से श्रद्धालु इस मंदिर में मां के दर्शन के लिए आते हैं, जहां भव्य पूजा का आयोजन किया जाता है।
विजयासन मंदिर का स्थान
यह मंदिर मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के सलकनपुर गांव में एक पहाड़ी पर स्थित है। मां विजयासन पहाड़ की चोटी पर विराजमान हैं। श्रद्धालुओं को मां के दर्शन के लिए सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। नवरात्रि के दौरान, मंदिर के प्रांगण में मेले का आयोजन किया जाता है, जहां बड़ी संख्या में भक्त मां के दर्शन के लिए आते हैं। माना जाता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्तों की इच्छाएं पूरी होती हैं और शत्रु भय से मुक्ति मिलती है।
मंदिर तक पहुंचने का मार्ग
सीहोर निकटतम रेलवे स्टेशन है, जहां आप ट्रेन से पहुंच सकते हैं और फिर सड़क मार्ग से सलकनपुर जा सकते हैं। इसके अलावा, भोपाल एयरपोर्ट भी निकटतम है। आप इंदौर के रास्ते भी विजयासन मंदिर पहुंच सकते हैं। देश के किसी भी कोने से भक्त इन दोनों मार्गों से सलकनपुर पहुंच सकते हैं।
