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घर के मंदिर के लिए वास्तु टिप्स: जानें सही दिशा और स्थान

घर में मंदिर बनाना एक महत्वपूर्ण कार्य है, जो न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का भी स्रोत है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर की सही दिशा और स्थान का चयन करना आवश्यक है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि मंदिर के लिए सबसे उपयुक्त दिशा कौन सी है, किन स्थानों पर मंदिर नहीं बनाना चाहिए, और मंदिर की ऊंचाई का क्या महत्व है। इन टिप्स को अपनाकर आप अपने घर में सुख और समृद्धि ला सकते हैं।
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घर के मंदिर के लिए वास्तु टिप्स: जानें सही दिशा और स्थान

घर के मंदिर के लिए वास्तु टिप्स

घर में मंदिर बनाते समय वास्तु के ये नियम जानें! सुख और समृद्धि का होगा प्रवाह: नई दिल्ली | भारतीय संस्कृति में घर के मंदिर का विशेष महत्व है। यह केवल आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा और शांति का भी स्रोत है। क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में मंदिर की सही दिशा और स्थान का चयन कितना महत्वपूर्ण है? यदि नहीं,


तो आज हम आपको कुछ महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स बताएंगे, जिन्हें मंदिर बनवाने से पहले ध्यान में रखना आवश्यक है। इन नियमों का पालन करने से आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी। आइए जानते हैं ये खास वास्तु नियम।


मंदिर की सही दिशा


वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर के लिए सबसे उपयुक्त दिशा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) मानी जाती है। यह दिशा देवी-देवताओं को प्रिय होती है। इस दिशा में मंदिर बनाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और पूजा का फल भी मिलता है। इसलिए, मंदिर बनाते समय हमेशा ईशान कोण का चयन करें।


इन स्थानों पर न बनाएं मंदिर


मंदिर की सही जगह चुनने से पहले यह जानना आवश्यक है कि किन स्थानों पर मंदिर बनाना अशुभ हो सकता है। वास्तु के अनुसार, मंदिर को कभी भी बेडरूम, बाथरूम के पास या सीढ़ियों के नीचे नहीं बनाना चाहिए। इन स्थानों पर मंदिर बनाना नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकता है और घर की शांति को भंग कर सकता है।


मंदिर की ऊंचाई का ध्यान रखें


वास्तु शास्त्र में मंदिर की ऊंचाई के लिए भी स्पष्ट नियम हैं। मंदिर को हमेशा फर्श से ऊंचा रखना चाहिए। मूर्तियों को सीधे जमीन पर रखने के बजाय, उन्हें किसी ऊंचे स्थान पर स्थापित करें। इसके लिए आप लकड़ी या लोहे का स्टैंड उपयोग कर सकते हैं। इससे मंदिर की पवित्रता बनी रहती है और पूजा का माहौल सकारात्मक होता है।