चैत्र नवरात्रि 2023: पूजा विधि और तिथियाँ
चैत्र नवरात्रि 2023 का पर्व 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। जानें हर दिन की पूजा विधि और तिथियाँ, जो भक्तों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की उपासना से भक्तों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
| Mar 19, 2026, 11:42 IST
चैत्र नवरात्रि का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, नवरात्रि का पर्व साल में चार बार मनाया जाता है, जो शरद, चैत्र, माघ और आषाढ़ के महीनों में आता है। चैत्र और शरद नवरात्रि मां दुर्गा के भक्तों के लिए विशेष मानी जाती हैं, जबकि माघ और आषाढ़ की नवरात्रि तांत्रिकों के लिए महत्वपूर्ण होती है, जिसे गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा की उपासना में लीन रहते हैं। जयपुर जोधपुर के पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार, इस वर्ष चैत्र मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से शुरू होगी और 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे समाप्त होगी। इस प्रकार, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से घटस्थापना के साथ होगी और इसका समापन 27 मार्च को होगा। चैत्र नवरात्रि के साथ नया हिंदू वर्ष भी प्रारंभ होता है।
घटस्थापना तिथि: 19 मार्च
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है, जो चंद्रमा का प्रतीक मानी जाती हैं। मां शैलपुत्री की पूजा से सभी नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। इस दिन भक्तों को पीले रंग के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है।
द्वितीया तिथि: 20 मार्च
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान है, जो मंगल ग्रह का प्रतीक हैं। जो भक्त सच्चे मन से मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते हैं, उनके सभी दुख दूर हो जाते हैं। इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
तृतीया तिथि: 21 मार्च
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है, जो शुक्र ग्रह को नियंत्रित करती हैं। इनकी पूजा से शक्ति का संचार होता है और सभी प्रकार के भय दूर होते हैं। इस दिन ग्रे रंग का कपड़ा पहनना उचित है।
चतुर्थी तिथि: 22 मार्च
चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा का विधान है, जो सूर्य देव का प्रतीक हैं। इस दिन संतरे रंग का कपड़ा पहनना शुभ माना जाता है। मां कुष्मांडा की पूजा से भविष्य में आने वाली सभी विपत्तियाँ दूर होती हैं।
पंचमी तिथि: 23 मार्च
पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है, जो बुध ग्रह को नियंत्रित करती हैं। जो भक्त मां स्कंदमाता की पूजा करते हैं, उन पर मां की विशेष कृपा होती है। इस दिन सफेद रंग का कपड़ा पहनना अनुकूल माना जाता है।
षष्ठी तिथि: 24 मार्च
षष्ठी तिथि मां कात्यायनी को समर्पित है। इस दिन लाल कपड़े पहनकर मां कात्यायनी की पूजा करें, जो बृहस्पति ग्रह को नियंत्रित करती हैं। मां कात्यायनी की पूजा से हिम्मत और शक्ति में वृद्धि होती है।
सप्तमी तिथि: 25 मार्च
इस दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है, जो शनि ग्रह का प्रतीक हैं। मां कालरात्रि की पूजा से भक्तों में वीरता का संचार होता है। सप्तमी तिथि पर रॉयल ब्लू रंग के कपड़े पहनना चाहिए।
अष्टमी तिथि: 26 मार्च
अष्टमी तिथि पर महागौरी की पूजा का विधान है। इस दिन गुलाबी रंग का कपड़ा पहनना शुभ माना जाता है। माता महागौरी राहु ग्रह को नियंत्रित करती हैं और अपने भक्तों के जीवन से सभी नकारात्मक शक्तियों को दूर करती हैं।
नवमी तिथि: 27 मार्च
नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है, जो राहु ग्रह का प्रतीक हैं। इनकी पूजा से बुद्धिमता और ज्ञान का संचार होता है। इस दिन पर्पल रंग का कपड़ा पहनना चाहिए।
