नगरकोट धाम: मकर संक्रांति पर विशेष पूजा का महत्व
नगरकोट धाम, कांगड़ा जिले में स्थित एक प्रमुख शक्तिपीठ है, जहां मकर संक्रांति पर विशेष पूजा का आयोजन होता है। इस मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है, और यहां भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। जानें इस मंदिर का महत्व, मक्खन के प्रसाद की मान्यता और यहां पहुंचने के विभिन्न तरीके।
| Apr 9, 2026, 11:26 IST
नगरकोट धाम का महत्व
कांगड़ा जिले में स्थित नगरकोट धाम, शक्तिपीठों में से एक प्रमुख स्थल है। यहां मां ब्रजेश्वरी का मंदिर है, जहां मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि देवी मां ने युद्ध में महिषासुर को पराजित करने के बाद अपने शरीर पर मक्खन लगाया था, जिससे उनकी चोटें ठीक हुईं। इस दिन देवी की पिंडी को मक्खन से ढककर एक सप्ताह तक उत्सव मनाया जाता है।
मक्खन का प्रसाद
उत्सव के बाद, मक्खन को भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। यह मक्खन खाने के लिए नहीं, बल्कि लगाने के लिए होता है। मान्यता है कि यह चर्म रोगों को दूर करने में सहायक है। यहां मां पिंडी स्वरूप में विराजमान हैं, और कहा जाता है कि महाभारत काल में पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा के लिए आते हैं।
कांगड़ा ब्रजेश्वरी मंदिर की स्थिति
कांगड़ा ब्रजेश्वरी मंदिर का स्थान
यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा शहर में स्थित है। धर्मशाला घूमने आने वाले लोग यहां माता रानी के दर्शन करने आते हैं। यह मंदिर धर्मशाला से लगभग 18 से 20 किमी की दूरी पर है, जिससे यहां पहुंचना आसान है। मंदिर पहाड़ों में स्थित है, जहां का वातावरण शांत और सुकून भरा है। इसे माता के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, और नवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की भीड़ होती है।
मंदिर तक पहुंचने के तरीके
कैसे जाएं मंदिर
हवाई मार्ग
यदि आप हवाई यात्रा से आना चाहते हैं, तो गग्गल एयरपोर्ट पर उतर सकते हैं, जो कांगड़ा में स्थित है। यहां से मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको 15 किमी की यात्रा करनी होगी।
रेल मार्ग
अगर आप ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं, तो पठानकोट रेलवे स्टेशन के लिए टिकट बुक करें। यहां से कांगड़ा पहुंचने के लिए टैक्सी या बस लेनी होगी।
सड़क मार्ग
जो लोग अपनी गाड़ी से यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए यह सबसे अच्छा विकल्प है। दिल्ली, चंडीगढ़ और धर्मशाला से नियमित बसें चलती हैं। रास्ता अच्छा होने के कारण आप अपनी गाड़ी से भी आ सकते हैं। बाइक से यात्रा करने वाले लोग भी आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।
