नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने के सही दिशा और लाभ
नवरात्रि के पर्व पर अखंड ज्योति जलाना एक महत्वपूर्ण परंपरा है। इस लेख में हम जानेंगे कि अखंड ज्योति को जलाने के लिए सही दिशा क्या होनी चाहिए, लौ कैसे बनानी चाहिए, और इसके लाभ क्या हैं। सही दिशा में जलती हुई ज्योति न केवल घर के वास्तु दोषों को दूर करती है, बल्कि परिवार में सामंजस्य भी स्थापित करती है। जानें इस विशेष पर्व पर अपने घर में सुख-समृद्धि लाने के उपाय।
| Mar 23, 2026, 18:07 IST
नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योति की पूजा
नवरात्रि के पर्व पर हर घर में देवी दुर्गा की पूजा विधिपूर्वक की जाती है। इस दौरान घरों में अखंड ज्योति भी प्रज्वलित की जाती है। इस नवरात्रि में आपके घर में अखंड दीपक जलाने की परंपरा होगी, और यह प्रयास किया जाता है कि यह नौ दिनों तक जलता रहे। इसके लिए कुछ आवश्यक वास्तु नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है। आइए, इस लेख में हम आपको बताएंगे कि घर में अखंड ज्योति जलाने के लिए सही दिशा क्या होनी चाहिए।
अखंड ज्योति के लिए उत्तम दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूजा घर में दीपक को सही दिशा में रखना बहुत महत्वपूर्ण है। अखंड ज्योति के लिए सबसे उपयुक्त दिशा दक्षिण-पूर्व मानी जाती है। धार्मिक दृष्टिकोण से, यह अग्नि की दिशा है, जिससे घर के सदस्यों की सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। यदि आपके घर में यह दिशा उपलब्ध नहीं है, तो आप पूर्व दिशा में भी दीपक रख सकते हैं, जिससे आयु और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
अखंड ज्योति के लिए लौ कैसे बनाएं?
कई लोग यह नहीं जानते कि अखंड ज्योति के लिए लौ किस प्रकार बनानी चाहिए। आमतौर पर लोग रुई की बत्ती का उपयोग करते हैं, लेकिन यह गलत है। इसके लिए आपको कलावे से लौ बनानी चाहिए और दीपक में नौ दिनों के लिए स्थापित करनी चाहिए, ताकि इसे बार-बार बदलने की आवश्यकता न पड़े। कलावे की लौ माता रानी की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। इसके बाद आप इसी से दीपक को जलाएं और इसके जलने का ध्यान रखें। ऐसा करने से आपके घर का वास्तु सही रहेगा और जीवन की समस्याएं कम होंगी।
अखंड ज्योति के लाभ
वास्तु के अनुसार, विधिपूर्वक जलती हुई अखंड ज्योति घर के वास्तु दोषों को शांत करती है। यह घर के वातावरण से राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करती है और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य स्थापित करती है। जलती हुई ज्योति ज्ञान और प्रकाश का प्रतीक होती है, जो मानसिक तनाव को दूर करके मन को शांति प्रदान करती है।
