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मोहिनी एकादशी: पूजा विधि और महत्व

मोहिनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की पूजा का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन व्रत रखने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। जानें इस व्रत का महत्व, पूजा विधि और पारण का समय। साथ ही, जानें कुछ खास उपाय जो इस दिन किए जा सकते हैं।
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मोहिनी एकादशी: पूजा विधि और महत्व

मोहिनी एकादशी का महत्व

आज मोहिनी एकादशी का व्रत है, जब भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन श्री हरि की आराधना से घर में सुख और शांति बनी रहती है, साथ ही मानसिक शांति भी मिलती है। आइए, जानते हैं मोहिनी एकादशी के व्रत का महत्व और पूजा की विधि।


मोहिनी एकादशी के बारे में जानकारी

हिंदू धर्म में मोहिनी एकादशी का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और कई महिलाएं व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत से स्वभाव में शांति आती है और सांसारिक मोह-माया से मुक्ति मिलती है।


मोहिनी एकादशी का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 फरवरी को शाम 6:06 बजे शुरू होगी और 27 मार्च को शाम 6:15 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल 2026 को होगा। पूजा का शुभ समय सुबह 4:43 से 5:28 बजे तक रहेगा।


पारण का समय

मोहिनी एकादशी का पारण 28 अप्रैल 2026 को होगा। पारण का शुभ समय सुबह 6:12 से 8:46 बजे तक रहेगा। ध्यान रहे कि पारण द्वादशी तिथि के भीतर करना आवश्यक है।


मोहिनी एकादशी का महत्व

मोहिनी एकादशी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आती है और भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार से जुड़ी है। इस दिन व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।


पौराणिक कथा

कथा के अनुसार, भद्रावती नगर में धनपाल नामक एक धर्मात्मा वैश्य का बेटा धृष्टबुद्धि दुराचारी था। उसे अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए कौण्डिन्य ऋषि के पास जाना पड़ा। ऋषि ने उसे मोहिनी एकादशी का व्रत करने की सलाह दी, जिससे उसके सभी पाप समाप्त हो गए।


तुलसी मंजरी के उपाय

पंडितों के अनुसार, मोहिनी एकादशी की सुबह स्नान के बाद तुलसी की सूखी मंजरी लें और इसे लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें। इससे आर्थिक स्थिरता बढ़ती है।


कर्ज मुक्ति के उपाय

यदि आप कर्ज से परेशान हैं, तो शाम को दूध में तुलसी मंजरी डालकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और नए आय के रास्ते खुलते हैं।


नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के उपाय

एक तांबे के पात्र में गंगाजल लें और उसमें तुलसी मंजरी डालकर पूरे घर में छिड़काव करें। इससे वातावरण शुद्ध होता है और घर में सुख-समृद्धि का संचार होता है।


विशेष ध्यान देने योग्य बातें

इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। झूठ बोलने और नकारात्मक विचारों से दूर रहना आवश्यक है।


धार्मिक महत्व

मोहिनी एकादशी का महत्व भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को बताया था। इस दिन व्रत करने से अनेक यज्ञों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।


पूजा विधि

भगवान विष्णु की पूजा श्रद्धा और पवित्रता से करनी चाहिए। प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें, व्रत का संकल्प लें और भगवान का चित्र स्थापित करें।


दान का महत्व

एकादशी के दिन किया गया दान विशेष फलदायी माना जाता है। यह न केवल पापों का नाश करता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।