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राम नवमी 2023: पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की जानकारी

राम नवमी 2023 का पर्व भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस वर्ष यह पर्व 27 मार्च को मनाया जाएगा, जिसमें भक्तजन विशेष पूजा विधियों का पालन करेंगे। जानें इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा की तैयारी और भगवान राम के 108 नामों का जप करने का महत्व। इस अवसर पर अखंड रामायण का पाठ भी किया जाएगा, जो घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने में मदद करता है।
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राम नवमी 2023: पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की जानकारी

राम नवमी का महत्व

हिंदू धर्म में भगवान श्री राम को मर्यादा पुरूषोत्तम के रूप में पूजा जाता है। हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है, जिसे राम नवमी कहा जाता है। इस दिन भक्तजन अपने घरों और मंदिरों में भगवान राम की पूजा करते हैं। भक्त इस विशेष अवसर पर भजन और अखंड रामायण का आयोजन करते हैं। इस बार राम नवमी की तिथियों को लेकर कुछ भ्रम है। आइए जानते हैं कि राम नवमी कब मनाई जाएगी।


राम नवमी कब है?

इस वर्ष चैत्र शुक्ल नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे से शुरू हो रही है और यह 27 मार्च को 10:45 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, राम नवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी।


शुभ मुहूर्त जानें

वैदिक हिंदू पंचांग के अनुसार, 27 मार्च को सुबह 11:40 बजे से दोपहर 1:46 बजे तक का समय पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस पावन समय में घरों और मंदिरों में भगवान राम के जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ राम जन्मोत्सव मनाया जाएगा।


पूजा विधि

राम नवमी के दिन, भक्तों को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद श्रद्धा के साथ भगवान राम की पूजा की तैयारी करें। इस दिन भगवान को पीला वस्त्र पहनाएं, पीला पेड़ा और पीले फूल अर्पित करें। पूजा स्थल पर पीला वस्त्र बिछाना न भूलें।


अखंड रामायण पाठ का महत्व

राम नवमी के अवसर पर अखंड रामायण का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। इसके अलावा, यह आपके बिगड़े कामों को भी सुधारने में मदद करता है। जीवन में सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए राम नवमी पर भगवान श्री राम के मंत्रों का जप करें।


भगवान श्री राम के 108 नाम

1. ॐ परस्मै ब्रह्मने नमः
2. ॐ सर्वदेवात्मकाय नमः
3. ॐ परमात्मने नमः
4. ॐ सर्वावगुनवर्जिताया नमः
5. ॐ विभिषनप्रतिश्थात्रे नमः
6. ॐ जरामरनवर्जिताया नमः
7. ॐ यज्वने नमः
8. ॐ सर्वयज्ञाधिपाया नमः
9. ॐ धनुर्धराया नमः
10. ॐ पितवाससे नमः
11. ॐ शुउराया नमः
12. ॐ सुंदराया नमः
13. ॐ हरये नमः
14. ॐ सर्वतिइर्थमयाया नमः
15. ॐ जितवाराशये नमः
16. ॐ राम सेतुक्रूते नमः
17. ॐ महादेवादिपुउजिताया नमः
18. ॐ मायामानुश्हा चरित्राया नमः
19. ॐ धिइरोत्तगुनोत्तमाया नमः
20. ॐ अनंतगुना गम्भिइराया नमः
21. ॐ राघवाया नमः
22. ॐ पुउर्वभाश्हिने नमः
23. ॐ मितभाश्हिने नमः
24. ॐ स्मितवक्त्राया नमः
25. ॐ पुरान पुरुशोत्तमाया नमः
26. ॐ अयासाराया नमः
27. ॐ पुंयोदयाया नमः
28. ॐ महापुरुष्हाय नमः
29. ॐ परमपुरुष्हाय नमः
30. ॐ आदिपुरुष्हाय नमः
31. ॐ स्म्रैता सर्वाघा नाशनाया नमः
32. ॐ सर्वपुंयाधिका फलाया नमः
33. ॐ सुग्रिइवेप्सिता राज्यदाया नमः
34. ॐ सर्वदेवात्मकाया परस्मै नमः
35. ॐ पाराया नमः
36. ॐ पारगाया नमः
37. ॐ परेशाया नमः
38. ॐ परात्पराया नमः
39. ॐ पराकाशाया नमः
40. ॐ परस्मै धाम्ने नमः
41. ॐ परस्मै ज्योतिश्हे नमः
42. ॐ सच्चिदानंद विग्रिहाया नमः
43. ॐ महोदराया नमः
44. ॐ महा योगिने नमः
45. ॐ मुनिसंसुतसंस्तुतया नमः
46. ॐ ब्रह्मंयाया नमः
47. ॐ सौम्याय नमः
48. ॐ सर्वदेवस्तुताय नमः
49. ॐ महाभुजाय नमः
50. ॐ महादेवाय नमः
51. ॐ राम मायामारिइचहंत्रे नमः
52. ॐ राम मृतवानर्जीवनया नमः
53. ॐ सर्वदेवादि देवाय नमः
54. ॐ सुमित्रापुत्र सेविताया नमः
55. ॐ राम जयंतत्रनवरदया नमः
56. ॐ चित्रकुउता समाश्रयाया नमः
57. ॐ राम राक्षवानरा संगथिने नमः
58. ॐ राम जगद्गुरवे नमः
59. ॐ राम जितामित्राय नमः
60. ॐ राम जितक्रोधाय नमः
61. ॐ राम जितेंद्रियाया नमः
62. ॐ वरप्रदाय नमः
63. ॐ पित्रै भक्ताया नमः
64. ॐ अहल्या शाप शमनाय नमः
65. ॐ दंदकारंय पुण्यक्रिते नमः
66. ॐ धंविने नमः
67. ॐ त्रिलोकरक्षकाया नमः
68. ॐ पुंयचारित्रकिइर्तनाया नमः
69. ॐ त्रिलोकात्मने नमः
70. ॐ त्रिविक्रमाय नमः
71. ॐ वेदांतसाराय नमः
72. ॐ तातकांतकाय नमः
73. ॐ जामद्ग्ंया महादर्पदालनाय नमः
74. ॐ दशग्रिइवा शिरोहराया नमः
75. ॐ सप्तताला प्रभेत्त्रे नमः
76. ॐ हरकोदांद खान्दनाय नमः
77. ॐ विभीषना परित्रात्रे नमः
78. ॐ विराधवाधपन दिताया नमः
79. ॐ खरध्वा.सिने नमः
80. ॐ कौसलेयाय नमः
81. ॐ सदाहनुमदाश्रिताय नमः
82. ॐ व्रतधाराय नमः
83. ॐ सत्यव्रताय नमः
84. ॐ सत्यविक्रमाय नमः
85. ॐ सत्यवाचे नमः
86. ॐ वाग्मिने नमः
87. ॐ वालिप्रमाथानाया नमः
88. ॐ शरणात्राण तत्पराया नमः
89. ॐ दांताय नमः
90. ॐ विश्वमित्रप्रियाय नमः
91. ॐ जनार्दनाय नमः
92. ॐ जितामित्राय नमः
93. ॐ जैत्राय नमः
94. ॐ जानकिइवल्लभाय नमः
95. ॐ रघुपुंगवाय नमः
96. ॐ त्रिगुनात्मकाया नमः
97. ॐ त्रिमुर्तये नमः
98. ॐ दुउश्हना त्रिशिरो हंत्रे नमः
99. ॐ भवरोगस्या भेश्हजाया नमः
100. ॐ वेदात्मने नमः
101. ॐ राजीवलोचनाय नमः
102. ॐ राम शाश्वताया नमः
103. ॐ राम चंद्राय नमः
104. ॐ राम भद्राया नमः
105. ॐ राम रामाय नमः
106. ॐ सर्वदेवस्तुत नमः
107. ॐ महाभाग नमः
108. ॐ मायामारीचहन्ता नमः