लोहड़ी: एक विशेष त्यौहार और इसके महत्व
लोहड़ी उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, जो आग, सूर्य और नई फसल से जुड़ा हुआ है। यह त्यौहार नृत्य और आनंद के साथ-साथ भगवान का आभार व्यक्त करने का अवसर भी है। जानें लोहड़ी कब मनाई जाएगी, इसके महत्व और कुछ सरल उपाय जो आपके जीवन में सुख और समृद्धि लाएंगे। इस साल लोहड़ी 13 जनवरी को मनाई जाएगी।
| Jan 9, 2026, 15:05 IST
लोहड़ी का महत्व
लोहड़ी उत्तर भारत में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह त्यौहार आग, सूर्य और नई फसल के साथ जुड़ा हुआ है। लोहड़ी का अर्थ केवल नृत्य और आनंद नहीं है, बल्कि यह भगवान का आभार व्यक्त करने और दूसरों की सहायता करने का अवसर भी है। कहा जाता है कि इस दिन कुछ सरल उपाय करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
लोहड़ी कब मनाई जाएगी?
इस वर्ष 2026 में लोहड़ी 13 जनवरी, मंगलवार को मनाई जाएगी। इसके बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। लोहड़ी हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाई जाती है। यह त्यौहार सर्दियों के अंत और फसलों की वृद्धि की खुशी में मनाया जाता है। शास्त्रों में आग को पवित्र माना गया है, इसलिए इस दिन आग की पूजा करना आवश्यक है।
लोहड़ी पर किए जाने वाले सरल उपाय
आग में तिल और गुड़ डालना: शाम को जब लोहड़ी की आग जलती है, तो उसमें तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी डालें। इस दौरान भगवान से घर की प्रगति की प्रार्थना करें। ऐसा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है।
जरूरतमंदों की सहायता करना: लोहड़ी का त्यौहार बांटने का है। इस दिन किसी जरूरतमंद को अनाज, गुड़ या गर्म कपड़े दान करें। इससे मन को शांति मिलती है और घर में समृद्धि आती है।
परिवार के साथ पूजा करना: लोहड़ी पर परिवार के सभी सदस्य मिलकर आग के चारों ओर घूमें और लोहड़ी के लोकगीत गाएं। एक साथ प्रार्थना करने से परिवार में एकता बढ़ती है और पूरा साल अच्छा बीतता है।
मिठाई बांटना: इस दिन तिल-गुड़ से बनी चीजें जैसे गजक और रेवड़ी बांटना शुभ होता है। इससे आपसी प्रेम बढ़ता है और जीवन में खुशहाली आती है।
लोहड़ी का आशीर्वाद
लोहड़ी पर किए गए ये छोटे-छोटे कार्य हमारे रिश्तों को मजबूत करते हैं और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ये उपाय पैसों की तंगी और जीवन की अन्य समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं। इस त्यौहार को श्रद्धा के साथ मनाने से हमारे जीवन में खुशियों की भरपूरता आती है।
