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वट सावित्री व्रत: बरगद के पेड़ के नीचे करें ये खास उपाय, पति की तरक्की के लिए!

वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को मनाया जाता है, जिसमें सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। इस दिन विशेष उपाय करने से पति की आयु बढ़ाने और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति लाने की मान्यता है। जानें इस वर्ष व्रत की तिथि और पूजा विधि के बारे में।
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वट सावित्री व्रत: बरगद के पेड़ के नीचे करें ये खास उपाय, पति की तरक्की के लिए!

16 मई को मनाया जाएगा वट सावित्री व्रत


हर वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या को सुहागिन महिलाएं वट सावित्री का व्रत करती हैं। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वट सावित्री व्रत रखने से पति की आयु में वृद्धि होती है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। यह व्रत सावित्री और सत्यवान की कथा से जुड़ा हुआ है, जिसमें सावित्री ने सत्यवान के प्राणों को वापस लाने के लिए बरगद के पेड़ के नीचे पूजा की थी।


परिवार की आय बढ़ाने के उपाय

सावित्री की पूजा और पतिव्रता धर्म के कारण यमराज ने सत्यवान के प्राण लौटाने के लिए मजबूर हो गए थे। मान्यता है कि इस दिन व्रत और बरगद के पेड़ की पूजा करने से यमराज के साथ-साथ ब्रह्मा, विष्णु और महेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन एक विशेष उपाय भी किया जाता है, जिससे पति की तरक्की के द्वार खुलते हैं और परिवार की आय में वृद्धि होती है।


वट सावित्री व्रत की तिथि

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 05:11 बजे शुरू होगी और यह 16-17 मई की रात 01:30 बजे समाप्त होगी। इसलिए, इस साल वट सावित्री का व्रत 16 मई, शनिवार को मनाया जाएगा।


बरगद के पेड़ के नीचे विशेष उपाय

वट सावित्री व्रत के दिन बरगद के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें। घी का दीपक जलाकर पति-पत्नी को मिलकर बरगद की 11 परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करने से रिश्तों में प्रेम बढ़ता है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।


अन्य उपाय

वट सावित्री व्रत पर माता लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें पीले रंग की 11 कौड़ियां अर्पित करें। इससे कर्ज की बाधाएं दूर होती हैं। यदि पीली कौड़ियां उपलब्ध नहीं हैं, तो सफेद कौड़ियों पर हल्दी लगाकर भी अर्पित किया जा सकता है।