शनि जयंती 2026: कैसे प्राप्त करें शनिदेव की कृपा
शनि जयंती का महत्व
शनि जयंती 2026: न्याय के देवता शनिदेव की जयंती ज्येष्ठ अमावस्या को मनाई जाती है। इस वर्ष, पंचांग के अनुसार, 16 मई 2026, शनिवार को ज्येष्ठ मास की अमावस्या है। यह एक विशेष अवसर है, क्योंकि 19 वर्षों के बाद शनि जयंती शनिवार को पड़ रही है। इस दिन भक्तों को शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा और सेवा करनी चाहिए।
पूजा विधि
हिंदू मान्यता के अनुसार, शनिदेव की पूजा सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद करना अधिक फलदायी होता है।
विशेष सामग्री अर्पित करें
सरसों का तेल: शनि जयंती पर शनिदेव को काले वस्त्र, काला तिल और सरसों का तेल अर्पित करें।
चौमुखा दीया: इस दिन आटे का चौमुखा दीया बनाकर जलाना चाहिए।
शनि चालीसा: शनि जयंती पर उनकी चालीसा का पाठ और मंत्र का जप करना चाहिए।
प्रिय सामग्री: शनिदेव को काले तिल, काली उड़द, लौंग, और नीला अपराजिता या आक का फूल अर्पित करें।
दीपक जलाना और परिक्रमा
दीपक प्रज्वलित करें: संध्या में शनिदेव की मूर्ति के सामने या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
पीपल की परिक्रमा: दीपक जलाने के बाद पीपल के वृक्ष की 7 बार परिक्रमा करना शुभ और कष्टनिवारक माना जाता है।
