समाधान शिविर में नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान

समाधान शिविर का उद्देश्य और कार्यप्रणाली
उपायुक्त अखिल पिलानी ने नागरिकों की शिकायतों को सुनते हुए अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी समाधान प्रदान करने के निर्देश दिए। समाधान शिविर को जनता और प्रशासन के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है।
वीरवार को आयोजित इस शिविर में जिला और उपमंडल स्तर पर कुल 36 शिकायतें प्राप्त हुईं। उपायुक्त ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य सरकार की योजनाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान करना है ताकि सभी पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री की निगरानी में समाधान शिविर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समाधान शिविर की निगरानी की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतकर्ताओं को उनकी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी दें।
उपायुक्त ने बताया कि जिला स्तर पर 29 शिकायतें आईं, जबकि तावड़ू उपमंडल पर 1 और फिरोजपुर-झिरका उपमंडल पर 6 शिकायतें प्राप्त हुईं। पुन्हाना उपमंडल में कोई शिकायत नहीं आई।
शिविर में परिवार पहचान पत्र, जल भराव, बिजली, पीने के पानी और राजस्व विभाग से संबंधित कुल 36 शिकायतें थीं। सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।
सरकार का स्पष्ट निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि सभी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके और किसी भी नागरिक को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। समाधान शिविर में सभी विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहते हैं।