Meta पर बच्चों की सुरक्षा में विफलता का आरोप, $375 मिलियन का हर्जाना
Meta को बच्चों के लिए खतरे में डालने का दोषी पाया गया
नई दिल्ली: फेसबुक की मूल कंपनी Meta पर न्यू मैक्सिको में एक जूरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जूरी ने कहा है कि Meta अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों को खतरे में डालने के लिए जिम्मेदार है। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी को $375 मिलियन (लगभग 35 अरब रुपये) का हर्जाना चुकाना होगा।
यह मामला न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज द्वारा दायर किया गया था, जिसमें Meta पर आरोप लगाया गया कि उसने अपने ऐप्स को बच्चों के लिए असुरक्षित बना दिया है और इससे होने वाले नुकसान को छिपाया है।
मुकदमा और जूरी की सुनवाई
छह हफ्तों तक चली सुनवाई:
सांता फे की अदालत में यह मुकदमा छह हफ्तों तक चला, जिसमें जूरी ने 40 गवाहों के बयान सुने। इनमें Meta के पूर्व कर्मचारी भी शामिल थे, जिन्होंने व्हिसलब्लोअर के रूप में काम किया। उन्होंने सैकड़ों आंतरिक दस्तावेजों और ईमेल की जांच की। वकीलों का कहना है कि Meta को पता था कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए खतरनाक हैं, लेकिन उसने सुरक्षा के बजाय लाभ को प्राथमिकता दी।
अटॉर्नी जनरल टोरेज ने इस निर्णय को बच्चों और परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण जीत बताया। राज्य ने अधिकतम $2.2 बिलियन तक के हर्जाने की मांग की थी, लेकिन जूरी ने Meta को $375 मिलियन का हर्जाना देने का आदेश दिया। यह निर्णय न्यू मैक्सिको के अनुचित व्यापार व्यवहार अधिनियम के उल्लंघन के कारण लिया गया।
Meta की प्रतिक्रिया
Meta ने फैसले को चुनौती दी:
Meta ने जूरी के फैसले पर असहमति जताई है और कहा है कि वह इसके खिलाफ अपील करेगी। कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और गलत सामग्री को हटाने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले का अगला चरण 4 मई से शुरू होगा, जिसमें न्यायाधीश यह तय करेंगे कि क्या Meta को अतिरिक्त दंड देना होगा और क्या उसे अपने प्लेटफॉर्म में वास्तविक बदलाव करने होंगे।
