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Samsung Galaxy Watch 6: नई तकनीक जो बेहोशी से पहले चेतावनी देगी

Samsung ने Galaxy Watch 6 के साथ एक नई तकनीक पेश की है, जो बेहोशी से पहले चेतावनी देने में सक्षम है। Chung-Ang University के सहयोग से किए गए अध्ययन में, यह स्मार्टवॉच 132 मरीजों के डेटा का विश्लेषण कर सकती है। यह तकनीक Vasovagal Syncope पर आधारित है, जो अचानक रक्तचाप और हृदय गति में गिरावट का कारण बनती है। जानें कैसे यह स्मार्टवॉच आपकी सेहत की सुरक्षा कर सकती है और इसके संभावित लाभ क्या हैं।
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नई तकनीक का आगाज़


नई दिल्ली: जैसे-जैसे तकनीक का विकास हो रहा है, नई-नई सुविधाएं सामने आ रही हैं। सैमसंग की नवीनतम स्मार्टवॉच इस बात का प्रमाण है। अब यह केवल एक फिटनेस ट्रैकर नहीं है, बल्कि इसे स्वास्थ्य निगरानी के लिए एक उन्नत उपकरण में परिवर्तित किया जा रहा है। दक्षिण कोरियाई कंपनी Samsung ने एक नई तकनीक पेश की है, जो इंसान के बेहोश होने से पहले चेतावनी देने में सक्षम है।


अस्पताल के सहयोग से अनुसंधान

सैमसंग ने Chung-Ang University ग्वांगम्योंग हॉस्पिटल के साथ मिलकर एक अध्ययन किया, जिसमें Galaxy Watch6 का उपयोग किया गया। कंपनी का दावा है कि यह स्मार्टवॉच बेहोशी की स्थिति को लगभग पांच मिनट पहले पहचान सकती है।


Vasovagal Syncope पर आधारित तकनीक

यह तकनीक Vasovagal Syncope (VVS) नामक स्थिति पर आधारित है, जिसमें अचानक रक्तचाप और हृदय गति में गिरावट आती है, जिससे व्यक्ति बेहोश हो सकता है। तनाव, डर, दर्द या लंबे समय तक खड़े रहने जैसी स्थितियां इसके कारण बन सकती हैं। हालांकि, अधिकांश लोग कुछ मिनटों में सामान्य हो जाते हैं, लेकिन अचानक गिरने से गंभीर चोट लगने का खतरा होता है।


132 मरीजों पर अध्ययन

इस अध्ययन में 132 मरीजों को शामिल किया गया था। Galaxy Watch6 ने उनके शरीर के बायोसिग्नल्स, हृदय गति और शारीरिक पैटर्न को ट्रैक किया। इसके बाद, AI आधारित प्रणाली ने डेटा का विश्लेषण कर बेहोशी के संकेतों को पहचानने का प्रयास किया। कंपनी के अनुसार, यह प्रणाली लगभग 84.6 प्रतिशत सटीकता से काम करती है।


कैसे काम करती है Galaxy Watch6

Galaxy Watch में मौजूद PPG सेंसर रक्त प्रवाह और हृदय की धड़कन को ट्रैक करता है। इसके अलावा, Heart Rate Variability (HRV) डेटा का उपयोग करके दिल की धड़कनों के बीच के बदलावों को समझा जाता है। AI एल्गोरिदम इन पैटर्न्स के आधार पर खतरे का अनुमान लगाता है। यदि यह तकनीक बड़े स्तर पर सफल होती है, तो यह बार-बार बेहोश होने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए सहायक हो सकती है। हालांकि, यह फीचर अभी अनुसंधान स्तर पर है और Samsung ने इसके आधिकारिक लॉन्च की तारीख की घोषणा नहीं की है।