AI की मदद से पालतू कुत्ते के कैंसर का इलाज: एक अनोखी कहानी
AI का चिकित्सा क्षेत्र में अद्भुत योगदान
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब चिकित्सा के क्षेत्र में भी अपनी क्षमता साबित कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया के एक तकनीकी विशेषज्ञ ने अपने प्यारे पालतू कुत्ते के टर्मिनल कैंसर को मात देने के लिए AI का सहारा लिया और एक अनोखी व्यक्तिगत mRNA वैक्सीन विकसित की। इस प्रयास के परिणामस्वरूप कुत्ते के ट्यूमर का आकार आधे से भी कम हो गया है। यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है और लोगों को AI की अद्भुत क्षमताओं से चकित कर रही है।
कुत्ते रोजी की कहानी
सिडनी के तकनीकी विशेषज्ञ पॉल कनिंगहम ने 2019 में एक रेस्क्यू कुत्ते रोजी को गोद लिया। 2024 में रोजी को आक्रामक मास्ट सेल कैंसर का पता चला। वेटरिनरी डॉक्टरों ने बताया कि उसके पास केवल कुछ महीने बचे हैं। पारंपरिक उपचार और कीमोथेरेपी पर हजारों डॉलर खर्च करने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। हार नहीं मानते हुए, पॉल ने बिना किसी बायोलॉजी या चिकित्सा पृष्ठभूमि के AI की मदद से इलाज का रास्ता खोजा।
AI की सहायता से वैक्सीन का विकास
पॉल ने ChatGPT से बातचीत शुरू की और AI से इम्यूनोथेरेपी और व्यक्तिगत mRNA वैक्सीन के लिए विस्तृत योजना बनाई। उन्होंने रोजी के ट्यूमर का सैंपल लेकर UNSW के Ramaciotti Centre for Genomics से DNA सीक्वेंसिंग करवाई। प्राप्त जीनोमिक डेटा का विश्लेषण AI टूल्स द्वारा किया गया। AlphaFold ने म्यूटेटेड प्रोटीन्स की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके आधार पर वैक्सीन का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया।
कैंसर के कारणों की पहचान
ट्यूमर की DNA सीक्वेंसिंग के बाद डेटा को विभिन्न एल्गोरिदम और पाइपलाइन्स से प्रोसेस किया गया। इससे कैंसर के लिए जिम्मेदार म्यूटेशन स्पष्ट हुए। AI ने जटिल चिकित्सा अनुसंधान पत्रों को कुछ ही घंटों में समझाकर पॉल को सही दिशा दिखाई। इस जानकारी के आधार पर व्यक्तिगत mRNA वैक्सीन डिजाइन की गई, जो इम्यून सिस्टम को कैंसर सेल्स पर हमला करने के लिए प्रशिक्षित करती है।
वैक्सीन के सकारात्मक परिणाम
पिछले साल क्रिसमस के आसपास वैक्सीन को रोजी पर लगाया गया। कुछ हफ्तों में ही ट्यूमर का आकार आधे से भी कम हो गया। वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया में एथिक्स अप्रूवल और ड्रग ट्रायल की अनुमति लेना सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। इसके लिए पॉल को तीन महीने तक रोजाना दो घंटे मेहनत करनी पड़ी और लगभग 100 पेज का विस्तृत डॉक्यूमेंट तैयार करना पड़ा।
टेक जगत की सराहना
OpenAI के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने X पर लिखा कि कैसे AI ने पॉल को एक कस्टम mRNA वैक्सीन बनाने में मदद की, जिससे वह अपने कुत्ते के कैंसर का इलाज कर सके, जबकि उसके पास जीने के लिए केवल कुछ महीने थे। यह किसी कुत्ते के लिए डिजाइन की गई पहली व्यक्तिगत कैंसर वैक्सीन थी। गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस ने AlphaFold को डिजिटल बायोलॉजी के भविष्य की शुरुआत बताया। Perplexity के सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने भी कहा कि AI आधारित बायोलॉजी अनुसंधान आने वाले समय में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। यह कहानी दर्शाती है कि AI आम लोगों के लिए कितनी शक्तिशाली उपकरण बन सकता है। पॉल अब इस तकनीक को अन्य कुत्तों के लिए उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं।
