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Ray-Ban Meta स्मार्ट ग्लासेस पर विवाद: क्या आपकी प्राइवेसी खतरे में है?

Ray-Ban Meta स्मार्ट ग्लासेस ने अमेरिका में प्राइवेसी के गंभीर विवाद को जन्म दिया है। यूजर्स का आरोप है कि उनके द्वारा रिकॉर्ड की गई वीडियो और तस्वीरें मेटा के कॉन्ट्रैक्टर्स द्वारा देखी जाती हैं, जिसमें निजी क्षण भी शामिल हैं। यह मामला अब कोर्ट में पहुंच चुका है, जहां कंपनी पर ग्राहकों को धोखा देने का आरोप लगाया गया है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और मेटा का स्पष्टीकरण।
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Ray-Ban Meta स्मार्ट ग्लासेस पर विवाद: क्या आपकी प्राइवेसी खतरे में है?

रेय-बैन मेटा स्मार्ट ग्लासेस का विवाद


रेय-बैन मेटा स्मार्ट ग्लासेस, जो कैमरा, स्पीकर और माइक से लैस हैं, अब अमेरिका में एक गंभीर विवाद का केंद्र बन गए हैं। यूजर्स का आरोप है कि उनके द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो और तस्वीरें मेटा के ह्यूमन कॉन्ट्रैक्टर्स द्वारा देखी और विश्लेषित की जाती हैं, जिसमें व्यक्तिगत क्षण भी शामिल हो सकते हैं। यह मामला सैन फ्रांसिस्को की फेडरल कोर्ट में पहुंच चुका है, जहां कंपनी पर प्राइवेसी के झूठे दावों के जरिए ग्राहकों को धोखा देने का आरोप लगाया गया है।


क्लास-एक्शन सूट का विवरण

क्लार्कसन लॉ फर्म द्वारा दायर इस क्लास-एक्शन मुकदमे में दो प्लेंटिफ ने कहा कि उन्होंने मेटा के प्राइवेसी मार्केटिंग दावों पर भरोसा करके ये स्मार्ट ग्लासेस खरीदे थे। यदि कंपनी पहले ही स्पष्ट कर देती कि रिकॉर्डिंग्स को कॉन्ट्रैक्टर्स द्वारा देखा जाता है, तो वे इन्हें नहीं खरीदते।


स्वीडिश रिपोर्ट से खुलासा

हाल ही में एक जांच रिपोर्ट ने यह खुलासा किया कि केन्या में काम करने वाले मेटा के सब-कॉन्ट्रैक्टर्स Ray-Ban Meta स्मार्ट ग्लासेस से रिकॉर्ड की गई तस्वीरों और वीडियो का विश्लेषण कर रहे थे। रिपोर्ट में बताया गया कि कर्मचारियों ने कई बार बेहद निजी फुटेज देखे।


प्राइवेट मोमेंट्स की रिकॉर्डिंग

वीडियो एनालाइज करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें बाथरूम में जाते हुए वीडियो, यौन संबंधों से जुड़े क्लिप और अन्य निजी क्षणों की रिकॉर्डिंग देखने को मिलीं। यह जानकारी स्मार्ट ग्लासेस के यूजर्स में चिंता का कारण बन रही है, क्योंकि कंपनी ने पहले प्राइवेसी को लेकर मजबूत दावे किए थे।


मुकदमा दायर करने वाले यूजर्स

यह केस कैलिफोर्निया और न्यू जर्सी के दो व्यक्तियों द्वारा दायर किया गया है, जिन्होंने मेटा स्मार्ट ग्लासेस खरीदे थे। उनका कहना है कि उन्होंने कंपनी के प्राइवेसी संबंधी दावों पर भरोसा किया था। यदि मेटा पहले स्पष्ट करता कि फुटेज को ह्यूमन कॉन्ट्रैक्टर्स द्वारा देखा जाता है, तो वे इन ग्लासेस को नहीं खरीदते।


मेटा का स्पष्टीकरण

मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि Ray-Ban Meta ग्लासेस AI की मदद से बिना हाथ लगाए आसपास की दुनिया से जुड़े सवालों के जवाब देने में मदद करते हैं। हालांकि, कंपनी ने कोर्ट में लगे आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि मेटा ग्लासेस खुद मीडिया के साथ साझा नहीं करते, जब तक कि डेटा डिवाइस पर ही रहता है। लेकिन जब यूजर्स Meta AI के साथ कंटेंट साझा करते हैं, तो बेहतर अनुभव के लिए कभी-कभी कॉन्ट्रैक्टर्स मेटा ग्लासेस के डेटा का विश्लेषण करते हैं।