अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के प्रयासों में पाकिस्तान की भूमिका
पाकिस्तान का ईरान दौरा
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत एक बार फिर से शुरू करने के प्रयास में पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल ईरान पहुंचा है। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह डेलिगेशन ईरान को अमेरिका का नया संदेश पहुंचाएगा। पहले भी, अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के साथ संवाद के लिए पाकिस्तान का सहारा लिया था, लेकिन इस्लामाबाद में हुई वार्ता का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। इसके बावजूद, दोनों देशों के बीच संवाद जारी है।
सीजफायर पर अमेरिका की स्थिति
इस बीच, अमेरिका ने ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने पर औपचारिक सहमति नहीं दी है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सीजफायर बढ़ाने का विकल्प अभी भी खुला है, जिससे वार्ता के लिए और समय मिल सके। ट्रंप प्रशासन संभावित समझौते की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका की मिश्रित संकेत
हालांकि, अमेरिका की ओर से मिले संकेत मिश्रित हैं। अमेरिकी वित्त विभाग ने बताया है कि ईरानी तेल की बिक्री के लिए दी गई अस्थायी छूट जल्द ही समाप्त हो जाएगी और इसे आगे बढ़ाने की योजना नहीं है। वहीं, यूरोपीय देश होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही को सामान्य करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की योजना बना रहे हैं, जिसमें अमेरिका को शामिल नहीं किया गया है।
ईरान की प्रतिक्रिया
शांति वार्ता के प्रयासों के बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा है कि देश की नाकेबंदी संभव नहीं है और ऐसी कोशिशें विफल होंगी। अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी की नाकाबंदी की है और चेतावनी दी है कि जो भी टैंकर ईरान को टोल देगा, उसे रोका जाएगा। ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि भड़काऊ कदम सीजफायर को तोड़ सकते हैं और ईरान स्थिति पर नजर रखे हुए है, जरूरत पड़ने पर जवाब देने के लिए तैयार है।
