मेटा में रीस्ट्रक्चरिंग: 200 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी
नई दिल्ली में मेटा का बड़ा कदम
नई दिल्ली: फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की मूल कंपनी मेटा ने अपनी संरचना में बदलाव करने का निर्णय लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी लगभग 200 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है, जिसका प्रभाव मुख्य रूप से अमेरिका में स्थित टीमों पर पड़ेगा, विशेषकर बरलिंगेम और सनीवेल में। यह संभावना जताई जा रही है कि ये छंटनियां मई के अंत से पहले ही हो जाएंगी।
पिछले अनुभव से सबक
यह पहली बार नहीं है जब मेटा ने अपने कर्मचारियों को निकाला है। इस वर्ष की शुरुआत में, कंपनी ने अपने Reality Labs डिवीजन से लगभग 1,500 नौकरियों में कटौती की थी, जो वर्चुअल रियलिटी और मेटावर्स प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित है।
एआई पर ध्यान केंद्रित करना
एआई पर फोकस कर रही मेटा:
रिपोर्टों के अनुसार, ये परिवर्तन इसलिए किए जा रहे हैं ताकि मेटा को एक एआई-फर्स्ट कंपनी में परिवर्तित किया जा सके। कंपनी के सीईओ मार्क जकरबर्ग का लक्ष्य है कि मेटा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अधिक ध्यान केंद्रित करे। इसके लिए, मेटा न केवल छंटनियां कर रही है, बल्कि कंपनी की संरचना में भी बदलाव कर रही है।
मिडिल मैनेजमेंट में बदलाव
मिडिल मैनेजमेंट के पदों में कमी:
एक महत्वपूर्ण बदलाव मिडिल मैनेजमेंट के पदों में कमी लाना है। मेटा पुराने मैनेजरों को हटाकर नए लोगों को लाने की योजना बना रही है, जिसमें एआई बिल्डर, पॉड लीड और ऑर्ग लीड शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि नए पदों के लिए ऐसे व्यक्तियों की आवश्यकता है जो तकनीक को सक्रिय रूप से विकसित कर सकें।
बदलावों का प्रभाव
इन बदलावों का क्या मतलब है?
मेटा ऐसे कर्मचारियों की तलाश कर रही है जो जनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग और वर्चुअल रियलिटी जैसी नई तकनीकों पर काम कर सकें। इसका उद्देश्य कंपनी को और अधिक नवोन्मेषी बनाना और नए एआई उत्पादों के विकास में तेजी लाना है। यह बदलाव टेक उद्योग में चल रहे एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है, जहां कई कंपनियां एआई कौशल को प्राथमिकता दे रही हैं।
इन छंटनियों से स्पष्ट है कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बड़ा निवेश करने जा रही है। अन्य प्रमुख टेक कंपनियां भी मेटा के इन कदमों पर ध्यान दे रही हैं और आने वाले महीनों में वे भी इसी तरह के बदलाव कर सकती हैं।
