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हरियाणा में पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल 2025 में

हरियाणा में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल सितंबर 2025 में जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रूट पर किया जाएगा। यह ट्रेन पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और इसमें 1,200 हॉर्सपावर का इंजन है। जानें इस हाईटेक ट्रेन की अन्य विशेषताएँ और इसके निर्माण की प्रक्रिया के बारे में।
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हरियाणा में पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल 2025 में

हरियाणा में हाइड्रोजन ट्रेन का आगाज

देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन का ट्रायल सितंबर 2025 में हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रूट पर किया जाएगा। यह परियोजना भारतीय रेलवे की 'हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज' पहल का हिस्सा है और इसे देश की प्रमुख ग्रीन पहलों में से एक माना जा रहा है।


स्वदेशी तकनीक से निर्मित हाईटेक ट्रेन

इस ट्रेन का निर्माण चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में किया गया है, जो 1955 में स्थापित हुई थी और भारत की पहली कोच निर्माण इकाई है। ट्रेन का डिज़ाइन लखनऊ स्थित अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) द्वारा तैयार किया गया है, जिससे यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।


विशेषताएँ

इस ट्रेन का इंजन 1,200 हॉर्सपावर की शक्ति प्रदान करता है, जबकि जर्मनी की हाइड्रोजन ट्रेनें 500-600 HP की होती हैं। इसमें 8 यात्री कोच और 2 हाइड्रोजन स्टोरेज कोच शामिल हैं, जिससे लगभग 2,638 यात्री एक बार में यात्रा कर सकते हैं। इसकी अधिकतम गति 110 किमी/घंटा है। ट्रेन में लगे दो पावर प्लांट मिलकर 2.4 मेगावाट बिजली उत्पन्न करेंगे, जो 8-10 कोच खींचने के लिए पर्याप्त होगी।