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हिसार बाईपास प्रोजेक्ट: शहर को ट्रैफिक से राहत देने की योजना

हिसार बाईपास प्रोजेक्ट से शहर को वाहनों के भारी दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मास्टर प्लान को मंजूरी दी है, जो राजगढ़ रोड से शुरू होकर दिल्ली और चंडीगढ़ रोड से जुड़ेगा। इस 41 किलोमीटर लंबे रिंग रोड पर लगभग 1400 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है, जिसमें 11 गांवों की भूमि का अधिग्रहण भी शामिल है। यह बाईपास शहर में ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ विकास की नई संभावनाएं भी खोलेगा।
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हिसार बाईपास प्रोजेक्ट: शहर को ट्रैफिक से राहत देने की योजना

हिसार बाईपास प्रोजेक्ट की जानकारी

हिसार बाईपास प्रोजेक्ट (हिसार): हिसार शहर को वाहनों के भारी दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहर के दोनों ओर बनने वाले मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है। यह रिंग रोड राजगढ़ रोड से शुरू होकर दिल्ली और चंडीगढ़ रोड से जुड़ेगा।


बाईपास के लाभ

इस बाईपास के माध्यम से राजस्थान जाने वाले वाहन दिल्ली रोड मय्यड़ के पास से निकल जाएंगे, जिससे शहर में प्रवेश की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसी तरह, दिल्ली रोड से चंडीगढ़ रोड तक सीधा पहुंचा जा सकेगा। इस 41 किलोमीटर लंबे रिंग रोड पर लगभग 1400 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है, जिसमें 11 गांवों की भूमि का अधिग्रहण भी शामिल है।


भूमि अधिग्रहण की योजना

600 एकड़ भूमि का अधिग्रहण

इस बाईपास के निर्माण के लिए 11 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसमें लगभग 600 एकड़ भूमि शामिल है। किसानों को इस प्रोजेक्ट के लिए करोड़ों रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।


बाईपास का मार्ग

यह बाईपास तलवंडी राणा से शुरू होकर मय्यड़, भगाना, लाडवा, और कैमरी होते हुए देवा गांव के पास राजगढ़ रोड पर समाप्त होगा। यह रास्ता हिसार-दिल्ली नेशनल हाइवे नंबर-9 से शुरू होकर मिर्जापुर, नियाणा, और धान्सू के पास से गुजरते हुए हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे नंबर-52 से जुड़ेगा।


हिसार-चंडीगढ़ बाईपास

हिसार दिल्ली नेशनल हाइवे नंबर 9 पर मय्यड़ गांव से होते हुए मिर्जापुर, नियाणा, धान्सू के नजदीक से होते हुए तलवंडी राणा के पास हिसार- चंडीगढ़ नेशनल हाइवे नंबर-52 से मिलेगा।


विकास की आवश्यकता

हिसार का भविष्य विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां एयरपोर्ट का निर्माण चल रहा है और 2,900 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसका एमओयू भी हो चुका है। हिसार का राजस्थान से संपर्क होने के कारण यहां से गुजरात और महाराष्ट्र की ओर सामान भेजा जाता है। औद्योगिक क्षेत्र के विकास के साथ, यह रिंग रोड शहर में ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने में मदद करेगा।