ओरेकल ने भारत में 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की, टेक क्षेत्र में चिंता बढ़ी
ओरेकल की छंटनी का निर्णय
नई दिल्ली: भारतीय आईटी उद्योग के लिए एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। अमेरिकी टेक दिग्गज ओरेकल ने भारत में अपने संचालन को पुनर्गठित करने के लिए बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 12,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। यह कदम कंपनी की वैश्विक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत लगभग 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी।
कर्मचारियों को अचानक निकाला गया
सुबह 6 बजे ओरेकल की प्रबंधन टीम द्वारा भेजे गए एक ईमेल में बताया गया कि बड़े संगठनात्मक बदलाव के कारण कई पद समाप्त किए जा रहे हैं। इस ईमेल को कर्मचारियों का 'लास्ट वर्किंग डे' घोषित किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, ईमेल प्राप्त होते ही कई कर्मचारियों के सिस्टम लॉक कर दिए गए, जिससे उन्हें अपनी फाइलें देखने का भी अवसर नहीं मिला। इस अचानक हुई कार्रवाई ने बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे तकनीकी केंद्रों में काम कर रहे पेशेवरों के बीच चिंता का माहौल बना दिया है।
एआई और ऑटोमेशन का प्रभाव
एआई (AI) और ऑटोमेशन: इंसानी नौकरियों पर भारी
विशेषज्ञों का मानना है कि ओरेकल अपने खर्चों को कम करने और अपने व्यवसाय के ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए यह कठोर निर्णय ले रही है। कंपनी अब पारंपरिक डेटाबेस प्रबंधन के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में अधिक निवेश कर रही है। एआई और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के कारण कई पुराने तकनीकी पद अब अप्रासंगिक हो गए हैं, जिससे कम कर्मचारियों के साथ अधिक काम करने की होड़ मची है।
सेवरेंस पैकेज और कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
सेवरेंस पैकेज और कर्मचारियों की नाराजगी
छंटनी की प्रक्रिया के साथ ही कंपनी ने कर्मचारियों के सामने कुछ सख्त शर्तें भी रखी हैं। बताया जा रहा है कि सेवरेंस पैकेज प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों को कुछ विशेष दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जा रहा है। इस 'शर्त आधारित' विदाई ने कर्मचारियों के बीच काफी रोष पैदा कर दिया है।
ओरेकल का परिचय
क्या करती है ओरेकल?
ओरेकल एक वैश्विक सॉफ्टवेयर और क्लाउड सेवा प्रदाता कंपनी है, जो मुख्य रूप से अपने डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली के लिए जानी जाती है। बैंकों, सरकारी संस्थानों और बड़ी कंपनियों का महत्वपूर्ण डेटा ओरेकल के सॉफ्टवेयर पर सुरक्षित रहता है। हालांकि, अब कंपनी क्लाउड और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों की ओर तेजी से बढ़ रही है, जिसका खामियाजा पुराने कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
