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गर्मी में राहत देने वाले कपड़ों की नई तकनीक

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक विकसित की है जो गर्मियों में ठंडा रखने वाले कपड़े बनाने में मदद करेगी। यूनिवर्सिटी ऑफ अलबामा एट बर्मिंघम के शोधकर्ताओं ने सामान्य कपड़ों को हीट-रेगुलेटिंग कपड़ों में बदलने का एक तरीका खोजा है। इस तकनीक के तहत कपड़ों की सतह पर विशेष नैनोपार्टिकल्स का उपयोग किया जाता है, जो गर्मी को नियंत्रित करते हैं। परीक्षणों में, इन कपड़ों ने बाहरी तापमान को 15 डिग्री तक कम कर दिया। जानें इस तकनीक के बारे में और कैसे यह गर्मियों में राहत प्रदान कर सकती है।
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गर्मी में राहत देने वाले कपड़ों की नई तकनीक

गर्मी से राहत के लिए नई कपड़ों की तकनीक


नई दिल्ली: गर्मियों का मौसम नजदीक आ रहा है, और इस दौरान हम सभी अपने गर्मियों के कपड़े निकालने लगते हैं। हालांकि, गर्मी से बचने के लिए कितने भी आरामदायक कपड़े क्यों न पहनें, गर्मी का अहसास हमेशा बना रहता है। लेकिन सोचिए, अगर ऐसा कपड़ा हो जो आपको गर्मी का अनुभव ही न कराए? यह कोई मजाक नहीं है, बल्कि यह संभव हो सकता है। हालांकि, अभी तक ऐसा कपड़ा बाजार में नहीं आया है, लेकिन इस पर शोध जारी है।


अमेरिका के वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक विकसित की है जो गर्मियों में आपको ठंडा रखने वाले कपड़े बनाने में मदद करेगी। यह शोध यूनिवर्सिटी ऑफ अलबामा एट बर्मिंघम के डॉ. विनॉय थॉमसकी के नेतृत्व में किया गया है। वे भारत के केरल के कोट्टाराक्कारा के निवासी हैं। इस तकनीक के लिए पेटेंट भी दायर किया गया है, और इसका विवरण अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के एक जर्नल में प्रकाशित हुआ है।


यह टीम पूरी तरह से नए कपड़े नहीं बना रही है, बल्कि सामान्य कपड़ों को हीट-रेगुलेटिंग कपड़ों में बदलने का एक तरीका खोज रही है। इसके लिए वे दो मुख्य तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं: इलेक्ट्रोस्पिनिंग और प्लाज्मा सरफेस मॉडिफिकेशन।


तकनीकों का विवरण

इलेक्ट्रोस्पिनिंग:


यह प्रक्रिया कपड़े पर छोटे बोरॉन नाइट्राइड नैनोपार्टिकल्स को समान रूप से फैलाती है, जो गर्मी को नियंत्रित करने और दूर करने में सहायक होते हैं।


प्लाज्मा सरफेस मॉडिफिकेशन:


इसमें लो-टेम्परेचर प्लाज्मा का उपयोग करके कपड़े की सतह में सिलिकॉन ऑक्साइड नैनोपार्टिकल्स मिलाए जाते हैं। ये नैनोपार्टिकल्स कपड़े पर एक अतिरिक्त सुरक्षात्मक परत के रूप में कार्य करते हैं, जो शरीर से गर्मी को खींचने में मदद करते हैं और कपड़े की गर्माहट को कम करते हैं।


इस तकनीक का परीक्षण

परीक्षण परिणाम:


इस तकनीक के परीक्षण में, उपचारित कपड़ों ने बाहरी तापमान को 35°C से लगभग 20°C तक कम कर दिया, जो कि 15 डिग्री की गिरावट है। यह कोटिंग 5 से 8 धुलाई के बाद भी प्रभावी रहती है, और कपड़े के रूप या अन्य गुणों में कोई बदलाव नहीं आता। हालांकि, बार-बार धोने पर कूलिंग प्रभाव धीरे-धीरे कम हो सकता है, इसलिए शोधकर्ता लंबे समय तक चलने वाले परिणामों के लिए डबल-लेयर कोटिंग का सुझाव दे रहे हैं।


कपड़ों पर तकनीक का उपयोग

किस प्रकार के कपड़ों में उपयोग:


यह तकनीक पुराने तरीकों की तुलना में बेहतर और सस्ती है, जो आमतौर पर नए विशेष सामग्री बनाने में उपयोग होती हैं। नई तकनीक का उपयोग लगभग किसी भी प्रकार के कपड़े, जैसे कॉटन, पॉलिएस्टर आदि पर किया जा सकता है, जिससे इसे वास्तविक कपड़ों में लागू करना आसान हो जाता है। पेटेंट स्वीकृत होने के बाद, कंपनियां इन कूलिंग कपड़ों का उत्पादन शुरू कर सकती हैं, जो गर्म क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों, एथलीटों, या उन सभी के लिए सहायक हो सकते हैं जो बिना एयर कंडीशनिंग के आरामदायक महसूस करना चाहते हैं।