गूगल में AI टूल्स के उपयोग को लेकर बढ़ते विवाद: DeepMind बनाम अन्य टीमें
गूगल में AI टूल्स के उपयोग पर विवाद
नई दिल्ली: गूगल के अंदर इन दिनों कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) टूल्स के उपयोग को लेकर एक नया विवाद उभर रहा है। जहां कंपनी अपने कर्मचारियों को AI अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है, वहीं टूल्स की असमान उपलब्धता ने आंतरिक तनाव को जन्म दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, गूगल की कुछ टीमों, विशेषकर डीपमाइंड इकाई, को बाहरी AI टूल्स का उपयोग करने की अनुमति दी गई है, जबकि अधिकांश इंजीनियर केवल कंपनी के आंतरिक सिस्टम तक सीमित हैं। इस असमानता ने कर्मचारियों के बीच प्रदर्शन और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
DeepMind और अन्य टीमों के बीच टूल्स का अंतर
रिपोर्ट के अनुसार, Google DeepMind के कुछ इंजीनियरों को कोडिंग के लिए क्लाउड जैसे बाहरी AI टूल्स का उपयोग करने की अनुमति है। वहीं, गूगल के अधिकांश इंजीनियरों को केवल कंपनी के अपने AI टूल्स, जैसे कि जेमिनी, का उपयोग करना अनिवार्य है।
इस असमानता के कारण कई इंजीनियरों में असंतोष देखने को मिल रहा है, क्योंकि उनका मानना है कि बाहरी टूल्स आंतरिक सिस्टम की तुलना में अधिक प्रभावी हैं।
AI के प्रदर्शन से जुड़ा उपयोग
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब गूगल अपने कर्मचारियों से AI के उपयोग को लेकर अपेक्षाएं बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ इंजीनियरों को AI से जुड़े विशेष लक्ष्य दिए गए हैं, जो उनके प्रदर्शन मूल्यांकन को प्रभावित कर सकते हैं।
कर्मचारियों से न केवल AI के जरिए कोड तैयार करने की उम्मीद की जा रही है, बल्कि उनसे ऐसे टूल्स विकसित करने की भी अपेक्षा है, जो उनके काम को और अधिक कुशल बना सकें।
बाहरी टूल्स पर रोक का कारण
रिपोर्ट में बताया गया है कि गूगल आमतौर पर बाहरी AI टूल्स के उपयोग को सीमित रखता है। कंपनी अपने आंतरिक सिस्टम पर अधिक निर्भर रहती है और "डॉगफूडिंग" रणनीति अपनाती है, जिसके तहत कर्मचारी खुद ही कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल कर उन्हें बेहतर बनाते हैं।
अन्य कंपनियों का दृष्टिकोण
जहां गूगल बाहरी टूल्स को लेकर सख्ती बरत रहा है, वहीं अन्य टेक कंपनियां अधिक लचीलापन दिखा रही हैं। उदाहरण के लिए, मेटा अपने कर्मचारियों को आंतरिक कामों के लिए क्लाउड जैसे बाहरी AI टूल्स का उपयोग करने की अनुमति देता है।
AI अपनाने पर बहस
यह मामला तब चर्चा में आया जब सॉफ्टवेयर इंजीनियर स्टीव येगे ने गूगल के AI अपनाने की गति पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, "संक्षेप में कहें तो, गूगल इंजीनियरिंग विभाग में एआई को अपनाने का स्तर ट्रैक्टर कंपनी जॉन डीरे के समान ही प्रतीत होता है।"
इस पर डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "शायद अपने दोस्त को कुछ वास्तविक काम करने और सरासर बकवास फैलाना बंद करने के लिए कहो। यह पोस्ट पूरी तरह से झूठी है और सिर्फ क्लिकबेट है।"
