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डिजिटल वसीयत: क्या आपके डिजिटल एसेट्स भी परिवार को मिलेंगे?

डिजिटल वसीयत के माध्यम से, सरकार एक नई पहल लेकर आई है, जिससे व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके डिजिटल एसेट्स, जैसे सोशल मीडिया अकाउंट्स और क्रिप्टोकरेंसी, परिवार को मिल सकेंगे। यह कदम प्राइवेसी पॉलिसी की समस्याओं को हल करने के लिए उठाया जा रहा है। जानें इस नई योजना के तहत क्या-क्या शामिल होगा और किन कंपनियों ने इस दिशा में कदम उठाए हैं।
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डिजिटल वसीयत: क्या आपके डिजिटल एसेट्स भी परिवार को मिलेंगे?

डिजिटल एसेट्स का महत्व


आज के समय में, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो उसकी संपत्ति और जमीन परिवार के नाम कर दी जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि क्या डिजिटल एसेट्स, जैसे कि सोशल मीडिया अकाउंट्स और क्रिप्टोकरेंसी, भी परिवार को मिल सकते हैं?


सरकार की नई पहल

डिजिटल युग में, प्राइवेसी पॉलिसी के कारण परिवारों को अक्सर अपने प्रियजनों के डिजिटल एसेट्स तक पहुँचने में कठिनाई होती है। इस समस्या को हल करने के लिए, सरकार एक नया कानून लाने की योजना बना रही है, जिसे 'डिजिटल वसीयत' कहा जाएगा।


डिजिटल वसीयत में क्या शामिल होगा?

पहले केवल भौतिक संपत्तियाँ होती थीं, लेकिन अब लोग डिजिटल एसेट्स के माध्यम से भी आय अर्जित कर रहे हैं। प्राइवेसी पॉलिसी के तहत, परिवार को कोर्ट से आदेश लेना पड़ता है ताकि वे लैपटॉप और अन्य अकाउंट्स का एक्सेस प्राप्त कर सकें। अब, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है।


डिजिटल एसेट्स की सूची

इनमें शामिल हैं:



  • सोशल मीडिया अकाउंट्स: परिवार इंस्टाग्राम और फेसबुक पर सभी फोटोज और मैसेज देख सकेगा।

  • क्रिप्टो एसेट्स: निवेशकों को उनके वॉलेट का एक्सेस मिलेगा।

  • डिजिटल स्टोरेज: गूगल फोटोज और क्लाउड स्टोरेज में सेव फोटोज और वीडियोज का एक्सेस मिलेगा।


कंपनियों की पहल

इन कंपनियों में यह सुविधा उपलब्ध है:



  • गूगल: 'इनएक्टिव अकाउंट मैनेजर' के माध्यम से, यदि आपका अकाउंट निष्क्रिय हो जाता है, तो आप द्वारा नामित व्यक्ति को गूगल एक्सेस प्रदान करता है।

  • फेसबुक: 'लेगेसी कांटेक्ट' विकल्प के जरिए, आप किसी व्यक्ति को अपने अकाउंट का प्रबंधन करने की अनुमति दे सकते हैं।

  • एप्पल: 'डिजिटल लेगेसी' फीचर के तहत, आप किसी को नॉमिनी बना सकते हैं, जिससे आपके iCloud डेटा का एक्सेस मिल सकेगा।


सरकार का उद्देश्य

सरकार का यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसके परिवार के सदस्य उसकी यादों से जुड़े रह सकें। इसके साथ ही, इससे धोखाधड़ी के मामलों में भी कमी आएगी।