फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी का नया प्रोजेक्ट
फरीदाबाद में ट्रैफिक जाम से राहत
फरीदाबाद और दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए ट्रैफिक जाम से संबंधित एक महत्वपूर्ण खबर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक तेज आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने 3,630.77 करोड़ रुपये की संशोधित लागत से 31.42 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी कॉरिडोर के निर्माण की अनुमति दी है। यह नया हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना खंड को सीधे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा।
15 मिनट में फरीदाबाद से जेवर की यात्रा
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान और हाइब्रिड एन्यूटी मोड (HAM) के तहत पूरा करेगा। फरीदाबाद के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने इस प्रोजेक्ट की महत्ता को स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, इस सुपरफास्ट सड़क मार्ग के शुरू होने के बाद फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों से जेवर एयरपोर्ट पहुंचने में लगने वाला एक घंटे का समय घटकर केवल 15 मिनट रह जाएगा।
11 किलोमीटर का एलिवेटेड हाईवे
इस 31.42 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का लगभग 11 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से एलिवेटेड (जमीन से ऊपर) होगा, ताकि शहरी भीड़भाड़ से बचा जा सके। फरीदाबाद मास्टर प्लान 2031 के तहत घनी आबादी वाले क्षेत्रों को ट्रैफिक जाम से मुक्त रखने और स्थानीय ढांचे को सुरक्षित रखने के लिए यह एलिवेटेड डिजाइन तैयार किया गया है।
इस विशेष एलिवेटेड हिस्से के निर्माण पर 689.24 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत आएगी, जिसमें से 450 करोड़ रुपये का वित्तीय भार हरियाणा सरकार उठाएगी। यह एलिवेटेड सेक्शन DND-बल्लभगढ़ बाईपास से जेवर एयरपोर्ट के बीच एक मजबूत और निर्बाध कनेक्टिविटी लिंक स्थापित करेगा।
फरीदाबाद बनेगा मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब
यह नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर केवल एक हाईवे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) को जोड़ने वाला एक प्रमुख जंक्शन पॉइंट बनेगा। इन सभी राष्ट्रीय मार्गों के एक साथ जुड़ने से फरीदाबाद, पलवल और पूरे क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन की गति में वृद्धि होगी।
इस तेज कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ फरीदाबाद और पलवल के औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा। माल ढुलाई की लागत में कमी और इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच से दक्षिणी दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम में विदेशी निवेश और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि की उम्मीद है।
