राहुल गांधी ने 'द केरल स्टोरी 2' पर उठाए सवाल, कहा फिल्में बन रही हैं हथियार
राहुल गांधी की टिप्पणी
नई दिल्ली: हाल ही में 'द केरल स्टोरी 2' का प्रदर्शन हुआ, जिसे उच्च न्यायालय से कई बाधाओं के बाद अनुमति मिली। इस फिल्म को लेकर कई आलोचनाएँ की गई हैं, जिसमें कहा गया है कि यह केरल की छवि को नुकसान पहुंचाती है। केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने इसे 'प्रोपगेंडा' करार दिया। अब कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के प्रमुख राहुल गांधी ने इस फिल्म पर अपनी राय व्यक्त की है।
राहुल गांधी ने कहा कि 'केरल स्टोरी' वाले सिनेमाघरों में सीटें खाली हैं, जो दर्शाता है कि दर्शक इसे नहीं देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन लोगों की है, जिन्हें केरल की संस्कृति और परंपराओं की सही जानकारी नहीं है। उनके अनुसार, फिल्में, टेलीविजन और मीडिया का तेजी से 'हथियार' के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के प्रयासों का उद्देश्य लोगों को बदनाम करना, समाज में विभाजन पैदा करना और कुछ लोगों को लाभ पहुंचाना है, जबकि अन्य को नुकसान होता है। राहुल ने चेतावनी दी कि यह स्थिति देश के लिए अत्यंत हानिकारक है और इसके लिए बड़ी मात्रा में धन खर्च किया जा रहा है।
राहुल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी विशेष फिल्म का निर्माण करना चाहता है या मीडिया में कुछ कहना चाहता है, तो उन पर अक्सर हमले होते हैं और उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया जाता। वहीं, कुछ कहानियाँ बिना किसी रोक-टोक के फैलती हैं।
फिल्म 'केरल स्टोरी 2' की कहानी तीन हिंदू महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने परिवारों की इच्छाओं के खिलाफ जाकर मुस्लिम पुरुषों से विवाह करती हैं और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर की जाती हैं। इस सीक्वल की रिलीज के साथ विवाद बढ़ गया है, जिसमें आलोचकों और राजनीतिक हस्तियों ने आरोप लगाया है कि यह केरल को गलत तरीके से प्रस्तुत करती है और सांप्रदायिक नफरत को बढ़ावा देती है।
