वर्स इनोवेशन में पीआर रमेश की नई भूमिका: वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में कदम
वर्स इनोवेशन में नया नेतृत्व
बेंगलुरु स्थित वर्स इनोवेशन, जो डेलीहंट और जोश जैसे लोकप्रिय प्लेटफार्मों का संचालन करती है, ने अपने बोर्ड में एक अनुभवी पेशेवर को शामिल किया है। पूर्व डेलॉइट इंडिया के चेयरमैन पीआर रमेश अब कंपनी के स्वतंत्र निदेशक के रूप में कार्य करेंगे और वे ऑडिट समिति की अध्यक्षता करेंगे। यह नियुक्ति कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग, आंतरिक नियंत्रण, जोखिम प्रबंधन और अनुपालन को सुदृढ़ करने के लिए की गई है। वर्स इनोवेशन ने अब तक 2 अरब डॉलर से अधिक की फंडिंग प्राप्त की है और इसकी वैल्यूएशन लगभग 5 अरब डॉलर है। कंपनी को सीपीपीआईबी, लुपा सिस्टम्स, जेड47 और अन्य प्रमुख निवेशकों का समर्थन प्राप्त है।
पीआर रमेश का अनुभव
पीआर रमेश को है चालीस साल का अनुभव
पीआर रमेश के पास ऑडिट और गवर्नेंस के क्षेत्र में चालीस वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने डेलॉइट इंडिया की अध्यक्षता की और वैश्विक बोर्ड में भी कार्य किया। वर्तमान में, वे एयर इंडिया, सिप्ला, नेस्ले इंडिया और लार्सन एंड टुब्रो जैसी कंपनियों के बोर्ड में हैं। उनकी नियुक्ति वर्स इनोवेशन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि कंपनी तेजी से विकास कर रही है। रमेश वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही पर जोर देते हैं।
ऑडिट समिति की जिम्मेदारियां
ऑडिट कमिटी की जिम्मेदारी
नई भूमिका में, पीआर रमेश वित्तीय रिपोर्टिंग की सटीकता, आंतरिक नियंत्रण, एंटरप्राइज रिस्क मैनेजमेंट, नियामक अनुपालन और ऑडिट प्रक्रियाओं की निगरानी करेंगे। पिछले वित्तीय वर्ष 2024 के ऑडिट में डेलॉइट ने कंपनी के आंतरिक नियंत्रण में कुछ महत्वपूर्ण कमजोरियों की पहचान की थी। हालांकि, इससे कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल्स पर ऑडिटर की राय प्रभावित नहीं हुई। अब रमेश इन कमजोरियों को दूर करने और मजबूत सिस्टम स्थापित करने में मदद करेंगे।
कंपनी की पृष्ठभूमि और फंडिंग
कंपनी का बैकग्राउंड और फंडिंग
वर्स इनोवेशन ने 2022 में सीपीपीआईबी के नेतृत्व में 805 मिलियन डॉलर जुटाए थे, जिससे इसकी वैल्यूएशन 5 अरब डॉलर के करीब पहुंच गई। कंपनी के निवेशकों में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, ओंटारियो टीचर्स पेंशन फंड, जेम्स मर्डोक की लुपा सिस्टम्स और जेड47 शामिल हैं। डेलीहंट और जोश के माध्यम से, कंपनी भारत के डिजिटल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण व्यवसाय स्थापित कर चुकी है। इसके फाउंडर्स उमंग बेदी और विरेंद्र गुप्ता के साथ कई वैश्विक निवेशक भी बोर्ड में शामिल हैं।
पीआर रमेश की टिप्पणी
पीआर रमेश ने क्या कहा?
पीआर रमेश ने कहा कि वर्स इनोवेशन ने भारत के डिजिटल क्षेत्र में एक अद्वितीय स्केल बनाया है। इस बड़े स्केल के साथ, गवर्नेंस सिस्टम, वित्तीय नियंत्रण और जोखिम प्रबंधन को विकास के साथ बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने बोर्ड और प्रबंधन टीम के साथ मिलकर अनुशासन और जवाबदेही पर आधारित एक मजबूत ढांचा बनाने का संकल्प लिया। उनका मानना है कि मजबूत संस्थान केवल नवाचार से नहीं, बल्कि अनुशासन से बनते हैं।
कंपनी का भविष्य
कंपनी का भविष्य और उम्मीदें
फाउंडर उमंग बेदी ने रमेश की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि मजबूत गवर्नेंस और वित्तीय अनुशासन किसी भी कंपनी को लंबे समय तक बनाए रखने में सहायक होते हैं। रमेश का अनुभव कंपनी को स्थायी विकास की दिशा में ले जाने में महत्वपूर्ण होगा और इससे निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा। यह कदम वर्स इनोवेशन को अगले चरण की तैयारी में मदद करेगा, जहां ध्यान नवाचार के साथ अनुशासन पर रहेगा।
