हिमाचल प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के पोते वीर सोरेन की रहस्यमय मौत
वीर सोरेन की अचानक मृत्यु
मनाली - झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के पोते वीर सोरेन की हिमाचल प्रदेश के मनाली में अचानक मृत्यु ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वीर चार दिन पहले अपने दोस्तों के साथ मनाली घूमने आए थे। पहले यह आशंका जताई गई थी कि ऊंचाई पर जाने से उनकी तबीयत बिगड़ी, लेकिन अब तक की जांच में इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है।
मौत से पहले की स्थिति
मंगलवार की सुबह वीर ने अस्वस्थ महसूस किया और दोस्तों के साथ घूमने नहीं गए। वह होम-स्टे में ही रुके रहे। दोपहर में जब उनके दोस्त लौटे, तो उन्होंने सिरदर्द की शिकायत की। इसके बाद दोस्तों ने ऑनलाइन दवा मंगवाई। दवा लेने के बाद वह आराम करने चले गए। कुछ समय बाद कमरे से गिरने की आवाज आई। जब दोस्त कमरे में पहुंचे, तो वीर बिस्तर से नीचे गिरे हुए थे। उन्हें तुरंत मनाली के सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर उनके मुंह से झाग निकलने की जानकारी मिली है। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
परिवार की प्रतिक्रिया
ऑनलाइन दवा का सेवन
दोस्तों ने वीर को ऑनलाइन दवा दी थी, जिसे खाने के बाद वह सो गए। कुछ देर बाद गिरने की आवाज सुनकर उनके दोस्त अंदर गए और पाया कि वह बिस्तर से गिरे हुए हैं। उन्हें सिविल अस्पताल मनाली ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर मुंह से झाग निकल रहा था। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने उनके दोस्त अग्नय वर्मा का बयान दर्ज किया है। मृतक के परिवार के सदस्य मनाली पहुंच गए हैं।
पोस्टमार्टम से मना
चम्पाई सोरेन का दौरा
वीर सोरेन के दादा, पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन भी मनाली पहुंचे। उन्होंने पोते के शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया और शव को घर ले जाने की इच्छा जताई। दोपहर को परिवार ने शव लेकर रवाना हो गए। पूर्व सीएम किराए के हेलीकॉप्टर में मनाली पहुंचे थे। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि वीर के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं हैं। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। परिवार के मना करने पर पोस्टमार्टम नहीं किया गया है।
