अचानक मौतों पर नई अध्ययन रिपोर्ट: क्या है कारण?
अचानक मौतों की बढ़ती घटनाएं
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो और फुटेज वायरल हुए हैं, जिनमें लोग खेलते, नाचते और यहां तक कि बैठे-बैठे अचानक मौत का शिकार हो रहे हैं। इन घटनाओं में से कुछ को कोविड वैक्सीन के प्रभाव से जोड़ा गया है, जिसमें कहा गया है कि ये मौतें वैक्सीन के रिएक्शन के कारण हो रही हैं।
AIIMS की अध्ययन रिपोर्ट
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने अचानक मौतों पर एक अध्ययन प्रस्तुत किया है। इस अध्ययन में उन मामलों को शामिल किया गया है, जहां मृतक को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार, मृतक एक दिन पहले पूरी तरह स्वस्थ थे और अचानक उनकी मृत्यु हो गई।
पुरुषों और महिलाओं में अंतर
AIIMS ने एक वर्ष में 2000 से अधिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का विश्लेषण किया। इस अध्ययन में विभिन्न आयु और लिंग के लोगों की रिपोर्ट शामिल थी। परिणामों में पाया गया कि 8.1 प्रतिशत मामलों में अचानक मौत का मामला था। इनमें से 57 प्रतिशत से अधिक लोग 18 से 45 वर्ष के बीच थे। जबकि 46 से 65 वर्ष के बीच के लोगों की संख्या कम थी। अध्ययन में यह भी देखा गया कि पुरुषों और महिलाओं के बीच अचानक मौतों का अनुपात 4.5:1 था। कम उम्र के मृतकों में 77 पुरुष और 17 महिलाएं थीं, जबकि अधिक उम्र के मामलों में यह अनुपात 64:4 था।
अध्ययन के महत्वपूर्ण निष्कर्ष
एक वर्ष तक किए गए अध्ययन में यह भी पाया गया कि बड़ी संख्या में लोग फेफड़ों या सांस की समस्याओं से ग्रस्त थे। 57 प्रतिशत से अधिक लोग धूम्रपान के आदी थे, और 52 प्रतिशत कभी-कभी नशे का सेवन करते थे। सर्दी के मौसम में अचानक मौतों के मामले अधिक देखे गए, लेकिन बसंत और गर्मी में भी कई मौतें हुईं। इन मामलों में लोगों को अचानक बेहोशी, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, उच्च रक्तचाप और शुगर की समस्याएं देखी गईं। इस रिपोर्ट ने लोगों को चिंतित कर दिया है, और स्वास्थ्य और खान-पान के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
