अर्चना अग्रवाल को यूपी राजस्व परिषद की अध्यक्षता सौंपी गई
लखनऊ में प्रशासनिक बदलाव
लखनऊ। यूपी राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार ने रविवार को सेवानिवृत्त होने के बाद, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसे प्रदेश में एक बड़ा प्रशासनिक परिवर्तन माना जा रहा है।
अर्चना अग्रवाल का प्रशासनिक अनुभव
1990 बैच की आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल, जो कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की अध्यक्षता और अपर मुख्य सचिव परिवहन का कार्यभार भी संभालेंगी, राजस्व परिषद के अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही थीं। उनके साथ दीपक कुमार, बीएस मीना और लीना जौहरी भी इस दौड़ में थे।
महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ

अध्यक्ष राजस्व परिषद की भूमिका
राजस्व परिषद प्रदेश की प्रमुख प्रशासनिक संस्थाओं में से एक है, जो भूमि, राजस्व और अपील से संबंधित मामलों की देखरेख करती है। अर्चना अग्रवाल को यह जिम्मेदारी मिलने को शासन स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। उनकी प्रशासनिक क्षमता और निर्णय लेने की शैली के लिए उन्हें जाना जाता है।
महिला अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी
राजस्व विभाग में महिला अधिकारियों का दबदबा
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के शीर्ष तीन पदों पर महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। अर्चना अग्रवाल को चेयरमैन बनाया गया है, जबकि अपर्णा यू प्रमुख सचिव राजस्व और कंचन वर्मा सचिव के पद पर हैं।
अर्चना का कार्यकाल
सुल्तानपुर और अयोध्या में कार्य अनुभव
अर्चना अग्रवाल 2009-10 में उत्तर प्रदेश की ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रह चुकी हैं और उनके पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का अनुभव है। उनके कार्यकाल के दौरान, उन्हें राजस्व परिषद की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में तबादला सूची भी जारी की गई है। अर्चना अग्रवाल सुल्तानपुर और अयोध्या में मजिस्ट्रेट और कलेक्टर के रूप में कार्य कर चुकी हैं।
