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एसी के प्रभाव से आंखों की सेहत पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव

गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ने से आंखों में जलन और सूखापन की समस्या आम हो गई है। यह समस्या नजरअंदाज करने पर गंभीर रूप ले सकती है। जानें एसी के प्रभाव, इसके कारण और इससे बचने के उपाय।
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एसी के प्रभाव से आंखों की सेहत पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव

मौसम में बदलाव और आंखों की समस्याएं

जैसे-जैसे मौसम बदल रहा है, गर्मी का अहसास भी बढ़ने लगा है। ऑफिसों में एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ गया है, जिससे कई लोगों को आंखों में जलन, चुभन और सूखापन महसूस होने लगा है। यह समस्या आम है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे ड्राई आई सिंड्रोम जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि एसी में लंबे समय तक बैठने से आंखों पर क्या असर पड़ता है।


एसी का नमी पर प्रभाव

एयर कंडीशनर कमरे की नमी को कम कर देता है, जिससे हवा शुष्क हो जाती है। जब हवा में नमी घटती है, तो आंखों की आंसू की परत जल्दी सूखने लगती है। ये आंसू आंखों को नमी और सुरक्षा प्रदान करते हैं। जब ये जल्दी सूख जाते हैं, तो आंखों में रूखापन और जलन महसूस होती है।


एसी की ठंडी हवा का प्रभाव

एसी में लगातार बैठने से ठंडी और सूखी हवा आंखों पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। यदि आप सीधे एसी के नीचे या वेंट के सामने बैठे हैं, तो हवा का प्रवाह आंखों की नमी को तेजी से कम कर देता है, जिससे जलन, लालिमा और कभी-कभी धुंधला दिखने की समस्या हो सकती है।


स्क्रीन टाइम का बढ़ता प्रभाव

ऑफिस में कंप्यूटर या मोबाइल का अधिक उपयोग करने से यह समस्या और बढ़ सकती है। स्क्रीन देखते समय हमारी पलकें सामान्य से कम झपकती हैं, जिससे आंखों में आंसू बनने की प्रक्रिया बाधित होती है। एसी की सूखी हवा और कम झपकने से आंखों में सूखापन बढ़ता है, जिससे जलन और भारीपन महसूस हो सकता है।


बंद कमरों में एलर्जन का प्रभाव

एसी वाले ऑफिस में हवा का प्राकृतिक सर्कुलेशन कम होता है, जिससे धूल और एलर्जन हवा में घूमते रहते हैं। ये आंखों में जलन और खुजली का कारण बन सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से एलर्जी या ड्राई आई सिंड्रोम की समस्या है।


किसे है अधिक खतरा?

- लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने वाले।


- कॉन्टैक्ट लेंस उपयोगकर्ता।


- एलर्जी और साइनस के मरीज।


- पहले से ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़ित लोग।


- 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं (हार्मोनल कारणों से)।


समस्या को नजरअंदाज करने के परिणाम

यदि इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह क्रॉनिक ड्राई आई सिंड्रोम का रूप ले सकती है। इसके परिणामस्वरूप दृष्टि धुंधली हो सकती है, आंखों में लगातार दर्द रह सकता है, और तेज रोशनी से परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा, आंखों में बार-बार संक्रमण होने की संभावना भी बढ़ जाती है।


कैसे पहचानें कि एसी आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है?

- ऑफिस में जलन अधिक, घर में कम।


- आंखों में रेत जैसा एहसास।


- स्क्रीन देखते समय भारीपन।


- बार-बार आंखें मलने की इच्छा।