ओवेरियन कैंसर: लक्षण और पहचान के तरीके
ओवेरियन कैंसर का परिचय
महिलाओं में ओवेरियन कैंसर तीसरा सबसे सामान्य कैंसर है। हर साल लाखों लोग इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवाते हैं। GLOBOCAN के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में भारत में ओवेरियन कैंसर के 47,000 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए थे, जिससे 33,000 से ज्यादा महिलाओं की मृत्यु हुई। इसे 'साइलेंट कैंसर' भी कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि प्रारंभिक अवस्था में पहचानना मुश्किल होता है।
वर्ल्ड कैंसर डे और जागरूकता
हर साल 8 मई को वर्ल्ड कैंसर डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य ओवेरियन कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना है। अपोलो एथेना महिला कैंसर केंद्र की गायनी-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी की प्रमुख डॉ. रूपिंदर सेखों ने एक इंटरव्यू में बताया कि ओवेरियन कैंसर के लक्षणों को कैसे पहचाना जा सकता है। उन्होंने 5 महत्वपूर्ण लक्षणों की पहचान की, जिनके दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
ओवेरियन कैंसर के लक्षण
ब्लोटिंग: यदि आपको लगातार पेट फूलने की समस्या हो रही है और कपड़े टाइट लग रहे हैं, तो यह ओवेरियन कैंसर से जुड़ी ब्लोटिंग हो सकती है।
कम भूख: थोड़ी मात्रा में खाने के बाद पेट फूलने की समस्या, जो ट्यूमर के बढ़ने का संकेत हो सकती है।
पेट या पेल्विक दर्द: पेट के निचले हिस्से में बार-बार दर्द होना।
आदतों में बदलाव: अचानक तेज पेशाब आना या बार-बार कब्ज और डायरिया की समस्या होना।
अधिक थकान: आराम करने के बावजूद अत्यधिक थकान महसूस होना।
साइलेंट किलर का कारण
ओवेरियन कैंसर के प्रारंभिक लक्षण पेट संबंधी समस्याओं के समान होते हैं, जिससे महिलाएं इन्हें नजरअंदाज कर देती हैं। इसके परिणामस्वरूप, उन्हें बीमारी की एडवांस स्टेज में पता चलता है।
इलाज के विकल्प
ओवेरियन कैंसर का कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन यदि प्रारंभिक लक्षणों की पहचान हो जाए, तो इसे फैलने से रोका जा सकता है। कैंसर के फैलाव को रोकने के लिए कीमोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और सर्जरी का सहारा लिया जाता है।
