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किडनी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक आदतें: महिलाओं को जानना जरूरी

किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, लेकिन कई महिलाएं अपनी सेहत को नजरअंदाज करती हैं। इस लेख में, हम उन आदतों पर चर्चा करेंगे जो किडनी स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं, जैसे पेनकिलर का अत्यधिक उपयोग, पानी की कमी, और अधिक प्रोटीन का सेवन। जानें कि कैसे छोटी-छोटी आदतें लंबे समय में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती हैं और किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।
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किडनी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक आदतें: महिलाओं को जानना जरूरी

किडनी की भूमिका और स्वास्थ्य पर ध्यान


किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो रक्त को शुद्ध करने, शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने और पानी के संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है। फिर भी, किडनी से जुड़ी बीमारियों को अक्सर अनदेखा किया जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि प्रारंभिक अवस्था में किडनी की समस्याओं के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। जब तक समस्या का पता चलता है, तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी होती है।


महिलाओं में किडनी की समस्याएं

विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ किडनी से संबंधित समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसका एक बड़ा कारण यह है कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों में खुद की सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। 40 वर्ष की आयु के बाद कुछ आदतें विकसित हो जाती हैं, जो धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचाने लगती हैं।


खतरनाक आदतें जो किडनी को प्रभावित करती हैं

दर्द में पेनकिलर का अत्यधिक उपयोग


डॉक्टर जॉन वैलेंटाइन के अनुसार, बार-बार पेनकिलर का सेवन किडनी के लिए हानिकारक हो सकता है। सिरदर्द या हल्का बुखार होने पर कई महिलाएं इबुप्रोफेन जैसी दवाएं ले लेती हैं। लंबे समय तक इनका उपयोग किडनी पर दबाव डालता है और उसकी कार्यक्षमता को कम कर सकता है। इसलिए, किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए.


पानी की कमी


महिलाएं अक्सर दूसरों की जरूरतों का ध्यान रखते हुए खुद को पर्याप्त पानी पीने से वंचित रखती हैं। पानी की कमी से शरीर में विषैले तत्व जमा हो सकते हैं, जो किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे पथरी, संक्रमण और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना 6 से 8 गिलास पानी पीना आवश्यक है.


रात में बार-बार पेशाब आना


रात के समय बार-बार पेशाब आना सामान्य नहीं है। कई महिलाएं इसे उम्र का असर मानकर अनदेखा कर देती हैं, जबकि यह किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है। यदि यह समस्या लगातार बनी रहे, तो तुरंत जांच कराना आवश्यक है.


अधिक प्रोटीन का सेवन


फिट रहने के लिए हाई-प्रोटीन डाइट का चलन बढ़ गया है। हालांकि, अत्यधिक प्रोटीन का सेवन किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालता है। 40 की उम्र के बाद अधिक प्रोटीन लेने से किडनी को स्थायी नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है। संतुलित आहार सबसे सुरक्षित विकल्प है.


पेशाब रोकने की आदत


काम या व्यस्तता के कारण कई महिलाएं लंबे समय तक पेशाब रोकती हैं। यह आदत किडनी के लिए खतरनाक हो सकती है। पेशाब रोकने से बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जो संक्रमण फैलाकर किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं.


स्वस्थ आदतें अपनाना आवश्यक

डॉक्टरों का कहना है कि ये आदतें भले ही छोटी लगें, लेकिन लंबे समय में इनका प्रभाव गंभीर हो सकता है। यदि महिलाएं समय पर अपनी जीवनशैली पर ध्यान दें, पर्याप्त पानी पिएं, संतुलित आहार लें और किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें, तो किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। 40 की उम्र के बाद नियमित जांच और सतर्कता ही किडनी को बचाने का सबसे अच्छा तरीका है.