गर्मी में पानी पीने के सही तरीके: स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
गर्मी में पानी पीने की सावधानियाँ
नई दिल्ली - गर्मियों के मौसम में लू, उमस और तेज धूप से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, पानी पीने के गलत तरीकों से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जो गंभीर समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि धूप से लौटने के तुरंत बाद पानी पीने की गलतियाँ गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकती हैं।
गर्मी में जब लोग घर लौटते हैं, तो अक्सर वे ठंडा या बर्फ वाला पानी पी लेते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, जब शरीर अत्यधिक गर्म होता है, तब अचानक ठंडा पानी पीने से शरीर का तापमान तेजी से बदलता है, जिससे पाचन तंत्र, गले और अन्य अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, धूप से लौटने के बाद पानी पीने के सही तरीकों पर ध्यान देना आवश्यक है। गर्मियों में शरीर से लगातार पानी की कमी होती रहती है, और सही तरीके से पानी पीने से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक है, लेकिन इसे सही समय और तरीके से करना चाहिए।
तुरंत पानी न पीएं: बाहर से आने के बाद कम से कम 10-15 मिनट तक शरीर को आराम दें और छाया में बैठकर शरीर का तापमान सामान्य होने दें।
बहुत ठंडा या बर्फ का पानी न पीएं: ऐसे पानी से गले में खराश, पेट दर्द या सर्दी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
छोटे-छोटे घूंट में पानी पीएं: एक साथ पूरा गिलास पीने के बजाय धीरे-धीरे घूंट लेकर पिएं।
सामान्य तापमान का पानी पीएं: यदि संभव हो तो घड़े में रखा सामान्य पानी ही बेहतर है।
शरीर को सामान्य होने दें: पहले पसीना सूखने दें और सांस को सामान्य होने दें, फिर पानी पिएं। इसके अलावा, बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें। फलों का रस या नारियल पानी भी शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करता है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि वे जल्दी डिहाइड्रेट हो जाते हैं।
