गर्मी में बीपी और शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव: जानें कारण और उपाय
गर्मी का स्वास्थ्य पर प्रभाव
गर्मी के मौसम में तापमान में वृद्धि हमारे शरीर पर कई तरह से असर डालती है। जब पारा चढ़ता है, तो यह हमारे शरीर के विभिन्न कार्यों को प्रभावित करता है। अत्यधिक गर्मी के चलते सिरदर्द, चक्कर आना और उल्टी जैसी समस्याएं आम हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्मी का असर रक्तचाप और शुगर लेवल पर भी पड़ता है, जिससे ये दोनों बढ़ते और घटते हैं? आइए, इस विषय पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानकारी लेते हैं।
गर्मी में बीपी और शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव के कारण
- गर्मियों में शरीर में पानी की कमी और तनाव प्रतिक्रिया के कारण रक्तचाप और शुगर लेवल में बदलाव होता है। गर्मी के कारण अधिक पसीना निकलता है, जिससे रक्त गाढ़ा हो जाता है और रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है। यह कोर्टिसोल और वैसोप्रेसिन हार्मोन के बढ़ने के कारण होता है।
- इसके अलावा, डिहाइड्रेशन के चलते रक्त की मात्रा कम हो जाती है, जिससे रक्तचाप कम हो सकता है। कभी-कभी, शरीर को ठंडा करने के लिए धमनियां फैल जाती हैं, जिससे रक्तचाप में उतार-चढ़ाव होता है।
- रक्त शुगर के मामले में, गर्मी में रक्त वाहिकाओं में इंसुलिन का अवशोषण बढ़ जाता है। जो लोग पहले से डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, उन्हें हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा हो सकता है। कुछ लोगों को इंसुलिन के उपयोग में कठिनाई हो सकती है।
- डायबिटीज के मरीजों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि उनका तंत्रिका तंत्र पसीना बहाने लगता है, जिससे शरीर को ठंडा करने में कठिनाई होती है।
- अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है, और डिहाइड्रेशन के कारण रक्तचाप कम हो सकता है, जिससे चक्कर आना शुरू हो जाता है।
- गर्मियों में पसीने के कारण शरीर डिहाइड्रेट रहता है, जिसका सीधा असर रक्त शुगर लेवल पर पड़ता है।
- इसलिए, दिन में 3-4 बार रक्तचाप की जांच करें, धूप में कम निकलें और हमेशा हाइड्रेटेड रहें।
