गर्मी में बेल और सत्तू: कौन सा पेय है आपके लिए बेहतर?
गर्मी में ठंडक के लिए सही आहार
नई दिल्ली: गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखने के लिए खानपान पर ध्यान देना आवश्यक है। इस दौरान लोग ऐसे खाद्य पदार्थों का चयन करते हैं जिनकी तासीर ठंडी होती है और जो शरीर को राहत प्रदान करते हैं। इसी कारण बेल और सत्तू जैसे पारंपरिक पेय इन दिनों काफी लोकप्रिय हो गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक, बेल का शरबत और सत्तू का घोल लोगों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनते जा रहे हैं। सोशल मीडिया के प्रभाव से इन हेल्दी ड्रिंक्स के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अब भी यह सवाल बना हुआ है कि गर्मियों में बेल और सत्तू में से कौन अधिक फायदेमंद है।
सत्तू और बेल की पोषण संबंधी जानकारी
सत्तू (प्रति 100 ग्राम):
- कैलोरी: 400 kcal
- प्रोटीन: 20–22 ग्राम
- कार्बोहाइड्रेट: 55–60 ग्राम
- फैट: 6–7 ग्राम
- फाइबर: 10–12 ग्राम
- आयरन: 4–5 mg
- कैल्शियम: 40–50 mg
- मैग्नीशियम: 150 mg
बेल (प्रति 100 ग्राम):
- कैलोरी: 130–140 kcal
- प्रोटीन: 1.5–2 ग्राम
- कार्बोहाइड्रेट: 30–32 ग्राम
- फैट: 0.2–0.3 ग्राम
- फाइबर: 2–3 ग्राम
- विटामिन C: 8–10 mg
- कैल्शियम: 80–90 mg
- पोटैशियम: 600 mg
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार, बेल और सत्तू दोनों ही स्वास्थ्यवर्धक पेय हैं, लेकिन इनके लाभ अलग-अलग हैं। बेल का शरबत विशेष रूप से पाचन के लिए लाभकारी होता है। यह पेट को ठंडक प्रदान करता है और कब्ज, एसिडिटी तथा गर्मी से संबंधित समस्याओं में राहत देता है।
उन्होंने आगे कहा, "सत्तू प्रोटीन, फाइबर और आयरन से भरपूर होता है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो वजन नियंत्रित करना चाहते हैं या अधिक शारीरिक श्रम करते हैं।"
सत्तू बनाम बेल: कौन सा बेहतर?
विशेषज्ञों के अनुसार, पोषण के दृष्टिकोण से सत्तू अधिक न्यूट्रिशनल माना जाता है, जबकि बेल पाचन तंत्र के लिए अधिक लाभकारी है।
गर्मी के मौसम में दोनों का संतुलित सेवन करना बेहतर होता है - सुबह सत्तू का सेवन और दोपहर में बेल का शरबत लेना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।
ध्यान देने योग्य बातें
गर्मी में पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं, ऐसे में बेल का सेवन फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन विशेषज्ञ की सलाह से करना चाहिए।
सत्तू का सेवन भी सीमित मात्रा में करना आवश्यक है, क्योंकि अधिक मात्रा में लेने से नुकसान हो सकता है।
