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गर्मी में हृदय स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें?

गर्मी के मौसम में हृदय स्वास्थ्य पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। अत्यधिक तापमान के कारण हृदय पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इस लेख में, हम गर्मी के प्रभाव, डिहाइड्रेशन के खतरे और हृदय रोगियों के लिए आवश्यक सावधानियों पर चर्चा करेंगे। जानें कि कैसे आप अपने हृदय को सुरक्षित रख सकते हैं और गर्मी में स्वस्थ रह सकते हैं।
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गर्मी में हृदय स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें?

गर्मी का प्रभाव और हृदय स्वास्थ्य

देशभर में गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है। इस गर्मी के कारण लोगों को थकान, कमजोरी, सिरदर्द और मुंह सूखने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्या आप जानते हैं कि गर्मी का असर हृदय पर भी पड़ता है?


National institutes of Health (NIH) द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, अत्यधिक गर्मी के कारण हृदय पर दबाव बढ़ता है। इससे बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों में हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.


हृदय पर दबाव क्यों बढ़ता है?

अधिकतर लोग मानते हैं कि गर्मी से पसीना आना सामान्य है, लेकिन असल में हृदय प्रणाली एडजस्टमेंट मोड में चली जाती है। जैसे ही तापमान बढ़ता है, रक्त वाहिकाएं गर्मी को त्वचा की ओर भेजती हैं ताकि शरीर ठंडा रह सके। इस प्रक्रिया में हृदय तेजी से रक्त पंप करता है ताकि शरीर का तापमान सामान्य बना रहे। हालांकि, लंबे समय तक धूप में रहने से हृदय पर दबाव बढ़ सकता है। Center for Disease Control and Prevention ने भी चेतावनी दी है कि गर्मी के कारण हृदय पर दबाव बढ़ता है क्योंकि शरीर को ठंडा रखने के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है.


डिहाइड्रेशन का खतरा

गर्मी की लहर के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या उत्पन्न होती है। कई लोग तब पानी पीते हैं जब उन्हें प्यास लगती है, लेकिन इस दौरान शरीर को काफी मेहनत करनी पड़ती है। पानी की कमी के कारण कभी-कभी रक्तचाप अचानक गिर सकता है, जिससे चक्कर आना, कमजोरी और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है.


पानी की कमी ही समस्या नहीं है; पसीने के साथ शरीर से पोटेशियम और सोडियम भी निकल जाते हैं, जो हृदय की धड़कन और मांसपेशियों के लिए आवश्यक होते हैं.


हीट स्ट्रोक का खतरा

National Library of Medicine के अध्ययन में बताया गया है कि हीट स्ट्रोक सूजन, क्लॉटिंग और कार्डियक स्ट्रेस को बढ़ाता है, जो शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है यदि समय पर इलाज न किया जाए.


हृदय रोगियों के लिए सावधानियाँ


  • दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक तेज धूप में जाने से बचें।

  • हमेशा हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें ताकि पसीना आसानी से अवशोषित हो सके और शरीर को ठंडक मिले।

  • जो लोग बाहर काम कर रहे हैं, उन्हें हर 2 घंटे में ब्रेक लेकर छांव में समय बिताना चाहिए।

  • जिन्हें पहले से हृदय की समस्याएं हैं, उन्हें अपनी दवाएं समय पर लेनी चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेते रहना चाहिए।