Newzfatafatlogo

गर्मी से बचने के उपाय: स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में वृद्धि की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हीटवेव से संबंधित बीमारियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में सुरक्षित रहने के लिए ओआरएस का सेवन और सतर्कता आवश्यक है। अधिक पसीना आने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। जानें कैसे आप गर्मी में सुरक्षित रह सकते हैं और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं।
 | 
गर्मी से बचने के उपाय: स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

गर्मी की बढ़ती लहर और स्वास्थ्य पर प्रभाव

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि हो सकती है। बढ़ती गर्मी के चलते स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हीटवेव से संबंधित बीमारियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।


डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी में सुरक्षित रहने के लिए दो महत्वपूर्ण उपाय हैं- सतर्कता और नियमित रूप से ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का सेवन करना।


विशेषज्ञों के अनुसार, मानव शरीर का सामान्य तापमान लगभग 36.9 डिग्री सेल्सियस होता है। जब बाहरी तापमान इससे काफी अधिक हो जाता है, तो शरीर गर्मी को अवशोषित करने लगता है। इससे बचने के लिए शरीर पसीना और तेज सांस लेने जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, लेकिन लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने पर ये प्राकृतिक तंत्र कमजोर हो सकते हैं।


अधिक पसीना आने से शरीर से पानी, ग्लूकोज और आवश्यक लवण तेजी से निकल जाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, थकान, कमजोरी और गंभीर स्थिति में हीटस्ट्रोक या बेहोशी तक हो सकती है।


डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि डिहाइड्रेशन का प्रभाव किडनी और हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर भी पड़ सकता है। इसके शुरुआती लक्षणों में मुंह सूखना, गहरे रंग का पेशाब, कमजोरी, चक्कर आना और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं।


विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पानी पीना ही पर्याप्त नहीं है। अत्यधिक गर्मी में शरीर से निकलने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई के लिए ओआरएस अधिक प्रभावी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों के अनुसार, 20.5 ग्राम का एक ओआरएस पैकेट एक लीटर उबले और ठंडे पानी में मिलाकर 24 घंटे के भीतर उपयोग करना चाहिए।


प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय सीधे धूप में जाने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और आवश्यकता पड़ने पर ओआरएस का उपयोग करें, ताकि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।