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ग्राउंडहॉगिंग: एक ही तरह के रिश्तों में फंसने का खतरा

ग्राउंडहॉगिंग एक नया शब्द है जो उन लोगों के लिए उपयोग होता है जो एक कठिन रिश्ते से बाहर निकलने के बाद फिर से उसी तरह के पार्टनर का चुनाव करते हैं। यह पैटर्न न केवल मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि व्यक्तिगत विकास को भी रोकता है। जानें कि हम बार-बार एक ही गलती क्यों करते हैं और इस साइकिल को तोड़ने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
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ग्राउंडहॉगिंग: एक ही तरह के रिश्तों में फंसने का खतरा

ग्राउंडहॉगिंग क्या है?

आजकल की डिजिटल दुनिया में लोग अपनी भावनाओं और रिश्तों को व्यक्त करने के लिए नए शब्दों का उपयोग कर रहे हैं, जो धीरे-धीरे एक ट्रेंड बन जाते हैं। इसी संदर्भ में एक नया शब्द 'ग्राउंडहॉगिंग' सामने आया है। यह उन व्यक्तियों के लिए प्रयोग किया जाता है जो एक कठिन रिश्ते से बाहर निकलने के बाद अनजाने में फिर से उसी तरह के पार्टनर का चुनाव कर लेते हैं। सरल शब्दों में, जब आपको यह एहसास होता है कि आपका नया साथी भी पुराने जैसा ही नकारात्मक या विषाक्त है, तो आप इस ट्रेंड का हिस्सा बन जाते हैं।


ग्राउंडहॉगिंग का अर्थ

ग्राउंडहॉगिंग का तात्पर्य है एक ही प्रकार के व्यवहार या गलतियों को बार-बार दोहराना। डेटिंग की दुनिया में यह एक हानिकारक पैटर्न है, जहां व्यक्ति बार-बार एक जैसी पर्सनैलिटी, लुक या आदतों वाले लोगों की ओर आकर्षित होता है। भले ही पिछले अनुभव खराब रहे हों, फिर भी आप अनजाने में ऐसे ही रेड फ्लैग्स वाले इंसान को डेट करने लगते हैं। इसमें पार्टनर बदलता है, लेकिन समस्याएं और दुख पुराने रिश्ते जैसे ही बने रहते हैं।


हम बार-बार एक ही गलती क्यों करते हैं?

मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से, इसका मुख्य कारण 'परिचित होने का एहसास' है। हम अक्सर उन व्यवहारों या आदतों की ओर खिंचते हैं जिन्हें हम पहले से जानते हैं। भले ही वह व्यक्ति हमारे लिए सही न हो, लेकिन उसका स्वभाव जाना-पहचाना होने के कारण हमें उसमें एक अजीब सी सुरक्षा का अनुभव होता है। हम यह सोचकर फिर से ऐसे ही व्यक्ति को डेट करते हैं कि शायद इस बार परिणाम अलग होगा, लेकिन वास्तव में हम उसी पुरानी साइकिल में फंस जाते हैं।


यह हमारे लिए क्यों खतरनाक है?

यह आदत न केवल आपकी मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आपकी व्यक्तिगत विकास को भी रोक देती है। बार-बार एक ही तरह के धोखे का सामना करने से आत्मविश्वास में कमी आती है और व्यक्ति को लगता है कि शायद उसकी किस्मत ही खराब है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि आप उन अच्छे लोगों को भी नजरअंदाज कर देते हैं जो वास्तव में आपके लिए सही हो सकते थे, केवल इसलिए क्योंकि वे आपके पुराने 'टाइप' में फिट नहीं बैठते।


इस साइकिल को कैसे तोड़ें?

इस समस्या से बाहर निकलने का सबसे सरल तरीका है 'खुद से सवाल करना'। अगली बार जब आप किसी की ओर आकर्षित हों, तो खुद से पूछें कि क्या आप उसे उसकी खूबियों के कारण पसंद कर रहे हैं या सिर्फ इसलिए क्योंकि वह आपके पुराने पार्टनर जैसा व्यवहार कर रहा है? अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें और उन लोगों को भी मौका दें जो आपके पुराने मापदंडों से भिन्न हैं। खुद को बदलने और नए अनुभवों के लिए तैयार रखकर ही आप इस विषाक्त पैटर्न को तोड़ सकते हैं।