घर के बने खाने से कोलेस्ट्रॉल पर असर: जानें क्या करें
घर के खाने का स्वास्थ्य पर प्रभाव
हम अक्सर मानते हैं कि घर का बना खाना न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। बॉलीवुड के कई सितारे भी यह कहते हैं कि दाल, रोटी, सब्जी और घी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह हमेशा सच नहीं होता।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ
घी
हमारे घरों में खाना पकाने के लिए घी का उपयोग किया जाता है। यह एक सॉल्युबल फैट है जो आसानी से पच जाता है। हालांकि, यदि इसे अधिक मात्रा में खाया जाए तो यह हानिकारक हो सकता है। घी में सैचुरेटेड फैट होता है, और इसकी अधिकता से एलडीएल और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। इसलिए, एक व्यक्ति को दिन में एक से दो चम्मच घी का सेवन करना चाहिए।
रिफाइंड कार्ब्स
कोलेस्ट्रॉल केवल फैट से नहीं, बल्कि रिफाइंड कार्ब्स से भी बढ़ता है। रोटी, मैदा, बिस्कुट और पैकेज्ड स्नैक्स में कार्ब्स की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में ब्लड शुगर और एलडीएल को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
पूड़ी और पकौड़े
घर पर पूड़ी और पकौड़े को बार-बार एक ही तेल में तला जाता है। इनमें ऑक्सिडाइज्ड फैट होता है, जो हृदय के लिए बहुत हानिकारक है। यह तेल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है।
पापड़, आचार और नमकीन
इन खाद्य पदार्थों में नमक और अनहेल्दी फैट होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाते हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार, नमक और अनहेल्दी फैट वाली चीजें हृदय के लिए हानिकारक होती हैं। केवल एक चीज का सेवन करने से स्वास्थ्य पर असर नहीं पड़ता, बल्कि एक पैटर्न का पालन करने से समस्या उत्पन्न होती है।
कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के उपाय
National Family Health Survey (NFHS-5) की रिपोर्ट के अनुसार, एक स्वस्थ जीवनशैली मोटापे को कम करने में मदद कर सकती है।
- संतुलित आहार का सेवन करें।
- अपने आहार में साबुत अनाज, दालें, फल और सब्जियां शामिल करें। ये खाद्य पदार्थ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं।
- रिफाइंड कार्ब्स के स्थान पर ओट्स और साबुत अनाज का सेवन करें।
- अपने आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
