छिपकलियों से संक्रमित फलों का सेवन: स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव
खुले फलों का सेवन: स्वास्थ्य के लिए खतरा
नई दिल्ली: अक्सर हम बाजार से लाए गए फलों को या खाने के बाद बचे हुए फलों को बिना ढके छोड़ देते हैं। यदि आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान रहें। खुले फलों पर छोटे जीव और कीड़े आसानी से पहुंच सकते हैं। घर की दीवारों पर रेंगने वाली छिपकलियां या अन्य कीड़े इन फलों तक पहुंच सकते हैं।
छिपकली का जूठा फल: स्वास्थ्य पर प्रभाव
यदि छिपकली या कोई जहरीला जीव खुले फल को संक्रमित कर देता है और आप उसे अनजाने में खा लेते हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। हाल ही में, प्रसिद्ध डॉक्टर बीपीएस त्यागी ने इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने के लिए एक वीडियो साझा किया।
जहर का खतरा: धोने के बाद भी
डॉक्टर त्यागी ने बताया कि यदि छिपकली या अन्य जहरीले कीड़े फल को चाटते हैं या काटते हैं, तो फल का सेवन करना गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इन जीवों के खाने के निशान कई बार इतने बारीक होते हैं कि उन्हें देख पाना मुश्किल होता है। यदि छिपकली की लार फल में चली जाती है, तो फल को धोने के बाद भी उसके अंदर के टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकलते।
बीमारियों का कारण: सल्मोनेला बैक्टीरिया
डॉक्टर त्यागी के अनुसार, छिपकलियां अपने शरीर में 'सल्मोनेला' नामक खतरनाक बैक्टीरिया लेकर घूमती हैं। यदि यह बैक्टीरिया फल पर लग जाता है, तो यह सीधे आपके पेट में पहुंच सकता है। इसके परिणामस्वरूप फूड पॉइजनिंग, उल्टी, पेट में ऐंठन और दस्त जैसे गंभीर लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं।
सुरक्षा के उपाय: फलों का सही उपयोग
डॉक्टर ने कुछ सरल घरेलू उपाय बताए हैं। छिलके वाले फलों जैसे केले, संतरे और सेब को हमेशा अच्छे से धोकर ही खाएं। यदि फल नरम है या उस पर काटने के निशान हैं, तो उसे तुरंत फेंक दें। कटे हुए फलों को हमेशा एयरटाइट कंटेनर में रखें ताकि कोई जीव उन तक न पहुंच सके।
