छुट्टियों के बाद मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के उपाय
छुट्टियों के बाद मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान
नई दिल्ली: काम के तनाव और दैनिक थकान से राहत पाने के लिए छुट्टियां एक बेहतरीन विकल्प होती हैं। अधिकांश लोग छुट्टियों के बाद खुद को तरोताजा और ऊर्जावान महसूस करते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए सामान्य जीवन में लौटना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लंबे समय तक मौज-मस्ती के बाद सामान्य दिनचर्या में लौटते समय मन में भारीपन, उदासी और काम टालने की प्रवृत्ति 'पोस्ट हॉलिडे ब्लूज' का संकेत हो सकती है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे एक सामान्य बदलाव के रूप में देखते हैं, जिसे सही तरीके से संभाला जा सकता है। यदि छुट्टियों के बाद आपकी ऊर्जा में अचानक कमी आई है, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। कुछ सरल आदतें और संतुलित दृष्टिकोण आपको फिर से ताजगी और ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकते हैं।
धीरे-धीरे रूटीन में वापसी
छुट्टियों के बाद तुरंत तेज गति से काम शुरू करना मानसिक दबाव को बढ़ा सकता है। बेहतर होगा कि पहले दिन केवल आवश्यक कार्यों की सूची बनाएं और उन्हें छोटे हिस्सों में पूरा करें। एक साथ कई जिम्मेदारियों को लेने से बचें। कार्य को टुकड़ों में बांटने से मन को तैयारी का समय मिलता है और दिमाग पर बोझ कम महसूस होता है। यह बदलाव वापसी को सहज और तनाव-मुक्त बनाता है।
छुट्टी में भी सेल्फ-केयर
लंबी छुट्टियों में अपनी दैनिक दिनचर्या को पूरी तरह से छोड़ देना एक बड़ी गलती हो सकती है। छुट्टी के दौरान भी नींद, पानी, स्किन-केयर और हल्की वॉक जैसी आदतें बनाए रखें। यह आपके शरीर और मन को संतुलित रखता है। जब आप अपनी देखभाल को प्राथमिकता देते हैं, तो छुट्टियों के बाद की थकान और उदासी अधिक समय तक नहीं टिकती और आप मानसिक रूप से जल्दी समायोजित कर लेते हैं।
नई स्किल से बदलें मूड
यदि छुट्टियों के बाद किसी काम में मन नहीं लग रहा है, तो कुछ नया सीखना बहुत मददगार हो सकता है। नई स्किल दिमाग में ताजगी लाती है और पुरानी जीवनशैली में लौटने को आसान बनाती है। यह मानसिक ठहराव को तोड़ती है और आत्मविश्वास बढ़ाती है। रोजाना 10-15 मिनट कुछ नया पढ़ें या प्रैक्टिस करें। इससे मन सक्रिय होता है और उदासी कम महसूस होती है।
परिवार-दोस्तों से बात
छुट्टियों के बाद मन में चल रही उलझनों को अकेले रखना मूड को और खराब कर सकता है। परिवार और दोस्तों से खुलकर बात करें और अपनी भावनाएं साझा करें। यह ध्यान भटकाने वाली सोच को हल्का करता है। जब आप अपने करीबियों से संवाद करते हैं, तो दिमाग को भावनात्मक सहारा मिलता है और आप तेजी से सकारात्मक दिशा में लौटते हैं। बातचीत मानसिक ऊर्जा को रीसेट करने का एक सरल तरीका है।
हॉबी से रिफ्रेश करें दिमाग
तनाव कम करने के लिए हॉबी सबसे प्रभावी मानसिक थेरेपी मानी जाती है। संगीत, किताबें, फिटनेस, कुकिंग या लेखन जैसे पसंदीदा काम 15-20 मिनट करने से दिमाग को आराम मिलता है और एकाग्रता बढ़ती है। इससे आप काम पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। हॉबी आपकी मानसिक बैटरी को चार्ज करती है, जिससे वर्क लोड के बाद भी चेहरा और मन दोनों तरोताजा महसूस करते हैं।
