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जम्मू में बारिश से आई तबाही: 41 लोगों की मौत, लैंडस्लाइड में 34 की जान गई

जम्मू में हालिया मूसलधार बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है, जिसमें 41 लोगों की जान गई है। वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड में 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। राहत कार्य जारी है, जबकि कई क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं। जानें इस संकट की पूरी कहानी और राहत प्रयासों की स्थिति।
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जम्मू में बारिश से आई तबाही: 41 लोगों की मौत, लैंडस्लाइड में 34 की जान गई

जम्मू में बारिश का कहर

जम्मू में बारिश का कहर: भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में इस वर्ष की बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। लगातार हो रही मूसलधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने कई जिंदगियों को समाप्त कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में बारिश का 115 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। यहां कई सड़कें धंस गईं और पुल बह गए हैं। कई क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। हाल ही में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुई लैंडस्लाइड में मृतकों की संख्या 34 तक पहुंच गई है।

यह लैंडस्लाइड मंगलवार को दोपहर लगभग 3 बजे हुई, जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ अर्धकुंवारी के पास थी। अचानक पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर गिरने लगे, जिससे कई श्रद्धालु मलबे के नीचे दब गए। ताजा जानकारी के अनुसार, वैष्णो देवी लैंडस्लाइड में मृतकों की संख्या 34 हो गई है, जबकि 23 से अधिक लोग घायल हैं। यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। राज्य में पिछले दो दिनों में 41 लोगों की जान जा चुकी है।

राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को 6 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए वैष्णो देवी यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। सभी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, सेना और CRPF के जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं।

जम्मू में मूसलधार बारिश के कारण झेलम, चिनाब और तवी नदियां उफान पर हैं। झेलम नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण दक्षिण कश्मीर में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। जम्मू शहर, सांबा, अखनूर, नगरोटा, कठुआ, उधमपुर समेत कई क्षेत्र इस समय गंभीर रूप से प्रभावित हैं। राहत और बचाव कार्य में जुटी एजेंसियों ने अब तक जम्मू में 3500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।